चीनी शोधकर्ताओं का दावा, कोरोना को मात देने के एक साल बाद भी मरीजों में कोरोना लक्षण बरकरार

चीनी शोधकर्ताओं का दावा है की कोरोना को मात देने के 1 साल बाद भी 50 फीसदी मरीजों में कोरोना के लक्षण सामने आ रहे है। इनमें से अधिकतर मरीजों में सांस लेने की दिक्कत के साथ ही थकान जैसे लक्षण दिख रहे है। दरअसल,  शोधकर्ताओं ने चीन के वुहान में कोरोना के 1,733 मरीजों पर स्टडी की। 

लैंसेट जर्नल में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, ये ऐसे मरीज थे जो संक्रमण के बाद रिकवरी के लिए 6 माह तक हॉस्पिटल में भर्ती रहे थे। इनमें से 1,276 मरीजों का अगले एक साल तक हेल्थ चेकअप किया गया। संक्रमण से लेकर हर छोटी-छोटी बात तक को अगले एक साल तक रिकॉर्ड किया गया। इनमें से एक तिहाई मरीज 12 महीने तक सांस लेने में दिक्कत का सामना कर रहे थे।

चीन के नेशनल सेंटर फॉर रेस्पिरेट्री मेडिसिन की रिसर्च के अनुसार, सालभर के अंदर मरीजों में ज्यादातर लक्षण दिखना बंद हो गए। लेकिन कोरोना होने के बाद हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले मरीज उन लोगों से कम स्वस्थ थे जिन्हें कभी कोरोना नहीं हुआ।शोधकर्ता बिन काओ के अनुसार, कुछ मरीजों को पूरी तरह से रिकवर होने में सालभर तक लग सकते हैं।

शोधकर्ताओ के मुताबिक, पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में 1.4 गुना ज्यादा थकान और मांपेशियों में कमजोरी के मामले सामने आए। संक्रमण के 12 महीने बाद इनके फेफड़ों के बीमार होने का खतरा ज्यादा रहता है। कोरोना के जिन मरीजों को इलाज के दौरान स्टेरॉयड दिया गया था उनमें 1.5 गुना तक थकान और मांसपेशियों में कमजोरी ज्यादा देखी गई।

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