कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चो को मिलेगा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ, ऐसे करें आवेदन

कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को महिला एवं बाल कल्याण विभाग जल्द भरण पोषण के लिए गुजारा भत्ता देगा। महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने कोरोना काल में अनाथ हुए 119 बच्चों की सूची तैयार कर ली है। इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता के रूप में छह माह की पहली किस्त जारी की जाएगी, जिससे बच्चों का पालन पोषण ठीक ढंग से हो सके। अब इस योजना के लिए कोरोना के दौरान अनाथ हुए बच्चों का घर घर जाकर सत्यापन किया जा रहा है ग्रामीण क्षेत्र में इसकी जिम्मेदारी बीडीओ और शहरी क्षेत्र में एसडीएम को दी गई है।जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्रा के मुताबिक, योजना की श्रेणी में आने वाले शून्य से 10 साल के बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में 4000 रूपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। जो छह माह की पहली किस्त जून के अंत तक जारी कर दी जाएगी। जून के अंत तक अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता के रूप में छह माह की पहली किस्त जारी कर दी जाएगी, जिससे बच्चों का पालन पोषण ठीक ढंग से हो सके।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभ-

– योजना की श्रेणी में आने वाले शून्य से 10 साल के बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में 4000 रूपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
– इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता के रूप में छह माह की पहली किस्त जारी की जाएगी, जिससे बच्चों का पालन पोषण ठीक ढंग से हो सके।
– जो बच्चे पूरी तरह अनाथ हो गए हों और बाल कल्याण समिति के आदेश से विभाग के तहत संचालित बाल्य देखभाल संस्थाओं में आवासित कराये गए हों।
– 11 से 18 साल के बच्चों की कक्षा-12 तक की मुफ्त शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में भी प्रवेश कराया जाएगा। 
– इस योजना के तहत आने वाले बच्चो को कक्षा छह से 12 तक की शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालयों व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेशित कराया जाएगा।
– वैध संरक्षक को विद्यालयों की तीन माह की अवकाश अवधि के लिए बच्चे की देखभाल के लिए प्रतिमाह 4000 की दर से 12000 रूपये प्रतिवर्ष खाते में दिए जायेंगे।
– सहायक राशि कक्षा-12 तक या 18 साल की उम्र जो भी पहले पूर्ण होने तक दी जायेगी। इसके अलावा शासनादेश के अनुसार योजना के अंतर्गत जो लाभ निर्धारित किया गया वह दिया जाएगा।

ऐसे करें आवेदन
• बच्चे का आयु प्रमाण पत्र।
• कोविड-19 से मृत्यु का साक्ष्य।
• शिक्षण संस्थान में पंजीयन का प्रमाण पत्र।
• उत्तर प्रदेश का निवासी होने का घोषणा पत्र।
• इसके लिए बच्चे एवं अभिभावक की नवीनतम फोटो सहित पूर्ण आवेदन।
• माता या पिता या दोनों जैसी भी स्थिति हो का मृत्यु प्रमाण पत्र। 
• आय प्रमाण पत्र (माता-पिता दोनों की मृत्यु की स्थिति में जरूरी नहीं) देना होगा।
• जिन बच्चों के लिए अभी तक आवेदन हुआ है वह उनका पालन-पोषण करने वाले विभाग में जाकर आवेदन कर सकते हैं। 

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