संबित पात्रा को मिली बड़ी राहत, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पात्रा के खिलाफ केस किया रद्द

छत्तीसगढ़. गांधी परिवार के खिलाफ किए गए ट्वीट पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस ने भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के ऊपर आराधिक प्रकरण के मामले में FIR दर्ज करवाई थी जिस पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने FIR को निरस्त करते हुए कहा; ” पात्रा के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं बनता.

संबित पात्रा के खिलाफ राजनीतिक विद्वेष के चलते मामला दर्ज किया गया है.” पूरे मामले की सुनवाई जस्टिस संजय. के. अग्रवाल की सिंगल बेंच द्वारा की गई।

 पात्रा के खिलाफ रायपुर और भिलाई में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था इसके साथी बीजेपी के एक अन्य प्रवक्ता तेजेंदर पाल सिंह बग्गा ने भी अपने ऊपर कांकेर में हुए आपराधिक प्रकरण को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी. ज्ञात हो कि इससे पहले कोर्ट ने इस संबंध में दायर याचिका पर नो कोरेसिव एक्शन का आदेश दे दिया था, अर्थात इस मामले में किसी भी तरह की कार्रवाई से साफ इंकार कर दिया था.

संबित पात्रा ने मई 2020 में कांग्रेस के खिलाफ दो बार ट्वीट किया था जिस में पात्रा ने अपने एक ट्वीट में कहा था कि, ‘ कोरोना की इस घड़ी में अगर कांग्रेस की सरकार होती तो इस आपात स्थिति में भी वे भ्रष्टाचार करने से बाज नहीं आते.’वहीं संबित पात्रा ने एक और दूसरे ट्वीट पर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि, ‘ राजीव गांधी के कारण सिख दंगे और बोफॉर्स घोटाला हुआ था’ इन सब के साथ ही पात्रा ने जवाहर लाल नेहरू को कश्मीर मामले का दोषी ठहराया था.

जिस पर तेजिंदर सिंह बग्गा ने भी जमकर कमेंट किए थे.  पात्रा के इस ये ट्वीट करने के बाद ही यूथ कांग्रेस पार्टी (youth Congress party) की ओर से भिलाई और रायपुर में दोनों किए गए ट्वीट के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी.जिस पर FIR को चुनौती देते हुए संबित पात्रा ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अपने अधिवक्ता शरद मिश्रा के माध्यम से याचिका दायर की थी.

हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि तमाम एफआईआर को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा निरस्त किया जाना लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सत्य की विजय है. उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार से माफी की मांग की है साथ ही कहा अगर मोहन मार्कम में ज़रा भी नैतिकता बाकी हो तो पूरे देश-प्रदेश के साथ-साथ बीजेपी और पात्रा से बिना शर्त माफी मांगे क्योंकि उनके इशारे पर प्रदेश के अलग-अलग थानों में पात्रा के विरुद्ध लगभग एक 100 एफआईआर की गई थी.

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