Chaitra Navratri 2021: चैत्र नवरात्रि में जलाएं अखंड ज्‍योति, जानिए इनके महत्व और नियम

13 अप्रैल 2021 से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि में पूजा के पूरे देश में अलग-अलग विधान है लेकिन अखंड ज्‍योति का
प्रचलन हर जगह है। चैत्र नवरात्रि के शुरू होने के साथ ही हिन्‍दू नव वर्ष की शुरुआत भी होती है और नौ दिनों के दौरान
मां दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा की जाती है।

मां दुर्गा के पूजा के दौरान अखंड ज्‍योति जलाने का भी विधान है।
अखंड ज्योति को लोग ज्ञान, प्रकाश, श्रद्धा और भक्ति की प्रतीक मानते हैं। यदि आप भी अपने घर के मंदिर में होने
वाले पूजा के दौरान अखंड ज्‍योति जलाना चाहते हैं तो आप इन नियमों का पालन कर सकते हैं जिसे बहुत ही शुभ
माना गया है।

ये हैं अखंड ज्‍योति जलाने के नियम

  1. अखंड ज्‍योति जलाने के लिए आपको बड़े आकार का मिट्टी या फिर पीतल का दीपक लेना चाहिए।
  2. अखंड ज्‍योति के दीपक को खाली जमीन पर कभी भी नहीं रखना चाहिए।
  3. अखंड ज्‍योति के दीपक को हमेशा लकड़ी के पटरे या किसी चौकी पर ही रखना चाहिए।
  4. दीपक रखने से पहले उस जगह पर रंगे हुए चावल को जरूर डालना चाहिए।
  5. ध्यान रखें कि अखंड ज्‍योति की बाती रक्षा सूत्र से बनाएं और इसके लिए सवा हाथ का रक्षा सूत्र की बाती बनाएं
    और इसे दीपक के बीचों-बीच रखें।
  6. इसके बाद दीपक में घी डालें और यदि घी ना हो तो सरसों का या तिल के तेल का प्रयोग कर सकते हैं।
  7. मान्‍यता अनुसार यदि घी का दीपक जला रहे हैं तो उसे देवी मां के दाईं ओर रखें।
  8. दीपक जलाने से पहले गणेश भगवान, मां दुर्गा का ध्‍यान करें।
  9. यदि आप किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए अखंड ज्‍योति जला रहे हैं, तो दीपक जलाकर और उसके
    सामने हाथ जोड़कर उस कामना को मन में दोहराएं।
  10. अब दीपक के समीप कुछ लाल फूल भी रखें।
  11. आप इस बात का ध्‍यान जरूर रखें कि अखंड ज्‍योति व्रत समाप्‍ति तक बुझनी नहीं चाहिए। इसके लिए बीच-बीच
    में घी या तेल डालते रहें और बाती भी ठीक करते रहें।

चैत्र नवरात्रि की तिथियां 

  • 13 अप्रैल 2021: पहला दिन – प्रतिपदा, कलश स्‍थापना और शैलपुत्री पूजन।
  • 14 अप्रैल 2021: दूसरा दिन – द्व‍ितीया, बह्मचारिणी पूजन।
  • 15 अप्रैल 2021: तीसरा दिन – तृतीया, चंद्रघंटा पूजन।
  • 16 अप्रैल 2021: चौथा दिन – चतुर्थी, कुष्‍मांडा पूजन।
  • 17 अप्रैल 2021: पांचवां दिन – पंचमी, स्‍कंदमाता पूजन।
  • 18 अप्रैल 2021: छठा दिन – षष्‍ठी, सरस्‍वती पूजन, कात्‍यायनी पूजन।
  • 19 अप्रैल 2021: सातवां दिन – सप्‍तमी, कालरात्रि पूजन।
  • 20 अप्रैल 2021: आठवां दिन – अष्‍टमी, महागौरी पूजन, कन्‍या पूजन।
  • 21 अप्रैल 2021: नौवां दिन – राम नवमी, सिद्धिदात्री पूजन, नवमी हवन, कन्‍या पूजन, नवरात्रि पारण।

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