सावधान: क्या आप भी है मोमोज खाने के शौकीन? ज्यादा खाने से सेहत को होगा भारी नुक्सान

मार्किट में स्ट्रीट फूड  के रूप में रोजाना काफी मात्रा में बिकने वाले मोमोज एक ऐसी डिश है जिसको देखकर ज्यादातर लोगों के मुंह में झट से पानी आ जाता है। बच्चों से लेकर सभी लोग मोमोज के दीवाने हैं। कई लोगों को तो मोमोज की इतनी ज्यादा क्रेविंग होती है की वह एक दिन में एक बार इस डिश का जरूर सेवन करते हैं। लेकिन क्या आप इस बात से वाकिफ हैं आकर्षक से दिखने और ज़ुबान का टेस्ट बढ़ाने वाले, इन मोमोज का ज्यादा सेवन करने से आपको कई तरह की सेहत सम्बन्धी दिक्कतें हो सकती हैं?

अगर नहीं…तो आपको बता दें,मोमोज तैयार करने के लिए मैदा और कई तरह की सब्ज़ियां, साथ ही सोयाबीन और चिकेन का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा मोमोज के स्वाद को और बढ़ाने के लिए जिस चटनी का सेवन किया जाता है उसमें भरपूर मात्रा में लाल मिर्च का उपयोग किया जाता है। ऐसे में ये सभी चीजें आपके शरीर में किस तरह की दिक्कतों को बढ़ा सकती हैं आज इस लेख के जरिये हम आपको बताएंगे।

मैदा शरीर के लिए हानिकारक

मोमोज बनाने के लिए मैदा का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए गोल-गोल पूरी बनाकर इसमें   फिलिंग की जाती है। मैदा में ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने के कारण यह शरीर में शर्करा का स्तर बढ़ देता है और जिससे डाइबिटीज़ होने का खतरा होता है। यही नहीं मैदा के ज्यादा सेवन से आप मोटापे का शकर होने के साथ-साथ ये आपकी एसिडिटी की दिक्कत को भी बढ़ता है। मैदा के सेवन करने से मेटाबॉलिज़्म कमज़ोर हो सकता है और पाचन क्रिया गड़बड़ हो सकती है। इतना ही नहीं मैदा शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल की मात्रा को बढ़ाती है।

 मोमोज की स्टफिंग के ये बड़े नुक्सान

वेजिटेबल मोमोज में सिर्फ और सिर्फ बंदगोभी और शिमला मिर्च की स्टफिंग की जाती है, तो वहीं नॉनवेज मोमोज में चिकेन की फिलिंग की जाती है। इस दौरान चौंका देने वाली बात इनमें से किसी भी  चीज को बहुत अच्छे से न तो सोया जाता है न ही साफ किया जाता। साथ ही कच्चा-पक्का पका कर मोमोज के अंदर भर दिया जाता है। साथ ही इन लो क्वालिटी सब्जियों में ई-कोलाई नामक बैक्टीरिया पाया जाता है जिसकी वजह से आपको संक्रमण होने का खतरा रहता है। क्योंकि बंदगोभी में टेपवॉर्म कीड़ा होने की संभावना भी होती है और बंदगोभी अगर अच्छी तरह से पकी न हो तो  इस कीड़े के आपके मस्तिष्क तक पहुंचने की संभावना भी बनी रहती है, जो आपके लिए बड़ा खतरा पैदा होकर उभर सकती है।

मोमोज की लाल मिर्च की चटनी

मोमोज के स्वाद को दोगुना करने के लिए जिस लाल चटनी को आप बड़े चाव से कहतें हैं,उसमें लाल तीखी मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है। इसको रोज खाने से या ज्यादा सेवन से आपको न केवल पाईल्स की दिक्कत हो सकती है बल्कि हार्टबर्न और एसिडिटी की परेहनियों का सामना भी करना पद सकता है।

इसके अलावा पेट में जलन, डायरिया और टिश्यूज में सूजन आने जैसी दिक्कतों का हर दम सामना करना पड़ता है। यही नहीं किसी को अस्‍थमा या सांस संबंधी कोई बीमारी है तो लाल मिर्च का सेवन उस व्यक्ति के लिए किसी जहर खाने से कम नहीं होगा,क्योंकि यह अस्थमा के अटैक के खतरे को भी बढ़ावा देता है।

नोट: यह लेख सिर्फ आपकी सामान्य जानकारी प्रदान करती है। ये किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए ध्यान रहे इन पर अमल करने से पहले किसी विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर की सलाह एक बार अवश्य लें।  

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