बसपा के दिल में फिर से जागा ब्राह्मण के प्रति प्यार, इस बार चुनावो में फिर खेला ब्राह्मण कार्ड

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है। प्रदेश की सभी पार्टियाँ अपने-अपने तरीकों से मतदाताओं को रिझाने का संपूर्ण प्रयास कर रही हैं। इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी के नेता एवं राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने भी उत्तर प्रदेश चुनावों को देखते हुए एक भारी घोषणा की और कहा कि अगर बसपा अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में सरकार बनाती है तो वे अयोध्या में भव्य राम मंदिर का जल्द से जल्द निर्माण कराएँगे। 

बसपा के एक सम्मेलन में पार्टी के राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने शुक्रवार (23 जुलाई, 2021) को कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। मिश्रा ने सभा में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “भाजपा अयोध्या में श्रीराम की बात करती है, परंतु सीता मैया की बात कभी नहीं करते। बिना माता सीता के तो श्री राम की बात करना अधूरा लगता है।”
उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगर अगले वर्ष बहुजन समाज पार्टी पूर्ण बहुमत से उत्तर प्रदेश में सरकार बनाती है तो वे राम मंदिर के धीमी गति से चल रहे कार्य को तेज़ी देंगे एवं भव्य राम मंदिर का निर्माण भी करेंगे। 

बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के ब्राह्मण चेहरे मिश्रा ने ब्राह्मणों को चुनावों में साथ में आकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने जैसी बातें भी कहीं। मिश्रा ने आगे कहा, “अगस्त, 2020 में प्रधानमंत्री द्वारा भूमिपूजन के बाद भी कार्य इतना धीमी गति से चल रहा है। अभी तक मंदिर की नींव के ब्लॉक का कार्य भी संपन्न नहीं हुआ है। पता नहीं ये लोग (भाजपा) मंदिर बनाने में और कितना समय लगाएँगे।”

बसपा का ‘ब्राह्मण कार्ड’

बहुजन समाज पार्टी के नेता एवं राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को रामलला के दर्शन के दौरान कहा कि “हम तो ब्राह्मण समाज से हैं, रोज़ राम की पूजा करते।” मिश्रा ने गत वर्ष एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की विधवा खुशी दुबे को कानूनी मदद प्रदान करने की भी बात कही। मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार चिन्हित कर फ़र्ज़ी एनकउंटरों में ब्राह्मणों को निशाना बना रही है।

उन्होंने कहा था कि 400 से अधिक ब्राह्मणों को मार दिया गया है, ऐसा बसपा सरकार में कभी नहीं हुआ था। कई लोगों द्वारा इन सभी कृत्यों को देखते हुए इन्हें बसपा का ब्राह्मणों को रिझाने का एक प्रयास बताया जा रहा है। बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है जब बसपा का चुनावो में ब्राह्मण के प्रति प्यार दिख रहा हो, सन 2007 में भी मायावती द्वारा ब्राह्मण समुदाय का वोट हासिल करने के लिए ऐसी कई तकनीकों का प्रयोग किया गया था। इसी के कारण बसपा को उत्तर प्रदेश राज्य में भारी जीत भी प्राप्त हुई थी। 

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