पश्चिम बंगाल हिंसा पर भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने दिया विवादित बयान ममता सरकार को बताया ताड़का की सरकार

पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की जीत के बाद से राज्य में लगातार हिंसा हिंसा की ख़बर सामने आ रही है। जिसको लेकर सोशल मीडिया पर भी घमासान मचा हुआ है। ट्वीटर पर “नींद से जागो अमित शाह” ट्रेंड कराया गया था। आम जनता से लेकर अन्य पार्टियों के नेताओं ने भी इस पर गहरी चिंता जाहिर की थी। इस बीच अब बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Thakur) ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन और एनआरसी की मांग की है।
उन्होंने तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी और विवादित टिप्पणी करते हुए ट्वीटर पर लिखा की, ‘मुमताज लोकतंत्र, हिंदुओं, बंगाल बीजेपी के कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या, बलात्कार। हे कलंकिनी.. बस्स. शठे शाठ्यम समाचरेत, टिट फॉर टैट करना ही होगा। राष्ट्रपति शासन और एनआरसी। बस यही उपाय हैं, संतो और वीरों की भूमि पर ताड़का का शासन हो गया। अब तो ‘राम’ बनना ही होगा।जय श्री राम।’
इससे पहले कंगना रनौत ने भी ट्वीटर पर ममता को ताड़का बताते हुए मोदी जी से आग्रह किया था की वह ममता सरकार को फिर से 2002 के दंगे याद दिला दें। जिसके बाद उनका ट्विटर अकाउंट ट्विटर द्वारा सस्पेंड कर दिया गया था । ट्विटर ने कंगना के ट्वीट को ट्विटर के नियमों का उल्लघंन बताते हुए कहा कि हम ऐसे किसी भी ट्वीट या व्यक्ति को समर्थन नही कर सकते है जो देश में दंगे जैसे हालात बनाने वो देश का माहौल खराब करने की सोच रखता हो।

बंगाल पर ममता की जीत को लेकर शिवराज सिंह ने भी इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए लिखा कि, ‘पश्चिम बंगाल में जिस प्रकार से टीएमसी के कार्यकर्ताओं द्वारा लोकतंत्र की हत्या की जा रही है, जनता पर अत्याचार किया जा रहा है, वह अत्यंत दुःखदायी और निंदनीय है। जनता ने अगर टीएमसी को जनादेश दिया है, तो उन्हें इसका सम्मान करना चाहिए।’

बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधान सभा की 294 सीटों के लिए 8 चरणों में मतदान हुए थे। 2 मई को मतगणना में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 213 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हिस्से में सिर्फ 77 सीटें आईं।

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