बिहार : महागठबंधन की सरकार में मंत्रिमंडल गठन को लेकर माथापच्ची जारी, कम से कम इतने मंत्री पद चाहती है कांग्रेस

बिहार में अब फिर से महागठबंधन की सरकार बन गई है जिसमें कांग्रेस, जदयू और राजद शामिल हैं। पिछले दिनों जदयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर से एक बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। ये आठवीं बार है जब उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। वहीं दूसरी बार राजद नेता तेजस्वी यादव बिहार के उपमुख्यमंत्री बने हैं। इसी बीच अब महागठबंधन की सरकार में मंत्रिमंडल गठन को लेकर माथापच्ची शुरू हो गई है।

मंत्रिमंडल गठन को लेकर प्रदेश कांग्रेस में भी विचार – विमर्श का दौर जारी है। बिहार कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि सरकार में उनकी पार्टी की प्रभावी और सम्मानजनक भागीदारी होनी चाहिए। बता दे कि बिहार में इस समय कांग्रेस के 19 विधायक हैं  ऐसे में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि नई सरकार में कांग्रेस के 3 विधायकों को मंत्री पद मिल सकता है। 

हालांकि यह जानकारी सूत्रों के हवाले से है और सूत्र यह भी कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी कम से कम चार मंत्री पद महागठबंधन की सरकार में चाहती है।वहीं बिहार कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि कांग्रेस पार्टी को इस सरकार से दूर रहकर बाहर से इसका समर्थन करना चाहिए क्योंकि 2015 में ऐसा देखा गया कि सरकार में शामिल होने के बाद अगले चुनाव में पार्टी की संख्या की सीटों में कमी आई। 

इसलिए कुछ कांग्रेस नेता मानते हैं कि सरकार में शामिल ना होने की वजह कांग्रेस पार्टी को बाहर से महागठबंधन  की सरकार को सपोर्ट करना चाहिए। 

बता दे कि बिहार में इस समय जदयू और राजद तथा कांग्रेस के महागठबंधन की सरकार एक बार फिर से बनी है और मंत्रिमंडल गठन को लेकर इन दिनों बैठकों का दौर जारी है।बताया जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस के बाद मंत्रिमंडल का गठन बिहार में किया जाएगा।

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