बिहार: मुजफ्फरपुर मे चमकी बुखार का कहर जारी….एक और बच्ची की हुई मौत

बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में कोरोना महामारी के बीच अब फिर से बरपा चमकी बुखार का कहर। मुजफ्फरपुर में 32 के पार हुई संख्या, कई बच्चो ने तोड़ा दम। जिले के एसकेएमसीएच ( SKMCH ) में इलाजरत एक और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार से पीड़ित बच्चे की मौत हो गई है। बच्चे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि इस साल अब तक कुल 8 बच्चों की एसकेएमसीएच ( SKMCH ) में ईलाज के दौरान मौत हो चुकी है जिसकी जानकारी एसकेएमसीएच ( SKMCH )प्रशासन ने दी है। 

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सवेरे पारु के अखिलेश राय के 2 वर्षीय पुत्र सुभाष की इलाज के दौरान एसकेएमसीएच ( SKMCH ) में मौत हो गई। वह कुछ दिन पहले चमकी बुखार को लेकर एसकेएमसीएच में भर्ती था जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। बता दें की एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार के अब तक कुल 32 से ज्यादा मामले सामने आए हैं जिसमें से 8 बच्चों की मौत हुई है। वहीं और बच्चे ठीक हो कर घर जा चुके हैं। 

जिला प्रशासन चमकी बुखार को लेकर जागरूकता अभियान चला रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसे लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिले के आलाधिकारी हर सप्ताह लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं, जिससे इसके प्रकोप को कम किया जा सके। गौर करने वाली बात यह है कि तमाम प्रयासों के बावजूद इस बीमारी के सही कारण का आज तक पता नहीं चल सका है। इस रोग से बच्चों में तेज बुखार के साथ कंपकंपी, झटके और शरीर में ऐंठन होने लगती है। इसके साथ ही देह अचानक सख्त हो जाती है। आम बोलचाल में इस तरह के झटके को चमकी कहा जाता है, इसलिए स्थानीय लोग इस बीमारी को चमकी बुखार के नाम से पुकारते हैं।

गौरतलब हो कि, मुजफ्फरपुर जिला एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) के लिए कुख्यात है। हर साल साल बच्चों पर एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम बीमारी कहर बनकर टूटती है। जिसकी वजह से कई बच्चों की मौत हो जाती हैं।मुजफ्फरपुर जिले में साल 2020 में एईएस बीमारी से निपटने में कुछ हद तक सफलता हासिल हुई थी। 2020 में एईएस बीमारी से ग्रस्त कुल 16 मरीज सामने आए थे। जिनमें तीन बच्चों की मौत हो गई थी। वहीं साल 2019 में कुल 610 मरीज मिले थे, जिनमें 167 बच्चों की मौत हो गई थी।

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