ड्रग्स केस में बड़ा खुलासा: सामने आया एक और गवाह बताया साजिश के तहत की गई थी रेड, निर्दोष है आर्यन खान

मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में आए दिन नए मोड़ देखने को मिल रहे है। इस बीच विजय पगारे नाम के एक शख्स ने एनसीबी को मुंबई पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को बयान दिया है कि 2 अक्टूबर को क्रूज पर की गई रेड प्री-प्लान्ड थी और शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को कुछ लोगों ने इसलिए फंसाया ताकि इससे मोटा पैसा बनाया जा सके। बता दें कि एनसीबी ने कथित ड्रग्स बरामदगी मामले के आर्यन खान को तीन अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। 

विजय पगारे ने पुलिस को बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से सुनील पाटिल नाम के एक शख्स के साथ रह रहा था। उसे पाटिल से कुछ रुपयों की उगाही करनी थी पगारे ने बताया कि उसने 2018 में सुनील पाटिल को एक काम करने के लिए पैसे दिए थे, लेकिन उसने वह काम नहीं किया और पैसा भी नहीं लौटा रहा था, इसलिए पगारे ने सुनील का पीछा करना शुरू किया।

पगारे के मुताबिक, “सुनील पाटिल 27 सितंबर को नवी मुंबई में फॉर्च्यून होटल में रुका था। इसी होटल में केपी गोसावी के नाम पर भी एक रूम बुक था। रेड से कुछ दिन पहले होटल में BJP कार्यकर्ता मनीष भानुशाली ने केपी गोसावी और सुनील पाटिल से मुलाकात की। होटल के कमरे में मनीष भानुशाली ने सुनील पाटिल को किस करते हुए कहा- बड़ा काम हो गया। अब हमें अहमदाबाद के लिए निकलना है।”

पगारे ने आगे कहा कि 3 अक्टूबर को भानुशाली ने मुझसे मुलाकात की और मुझे पैसे लेने के लिए उसके साथ चलने को कहा। जब मैं उनके साथ कार में था तो मैंने उन्हें यह कहते हुए सुना कि 25 करोड़ रुपये की बात थी, मगर 18 करोड़ में सौदा तय हो गया है और 50 लाख रुपये ले लिए गए हैं। इसके बाद हम एनसीबी कार्यालय पहुंचे, जहां मैंने पूरा माहौल देखा। 

पगारे ने एनसीबी को आगे बताया की जब मैं वापस होटल पहुंचा तो मैंने टीवी पर खबर देखी कि शाहरुख खान का बेटा पकड़ा गया है। तब मुझे समझ आया कि बहुत बड़ी गड़बड़ी है और आर्यन खान को फंसाया गया है। बता दें की इससे पहले इस पूरे मामले में एक और स्वतंत्र गवाह प्रभाकर सैल ने आरोप लगाया था कि एनसीबी के कुछ अधिकारियों ने आर्यन को छोड़ने के एवज में वसूली की कोशिश की थी। 

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