भारत सरकार का बड़ा फैसला देश छोड़ रहे सभी अफगान सिख और हिंदू नागरिकों को वीजा देगा भारत

अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के एक दिन बाद भारत के शीर्ष रक्षा अधिकारियों, विदेश नीति से जुड़े प्रतिष्ठानों और वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों ने सोमवार को वहां तेजी से बिगड़ते हालात की समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक से संबंधित जानकारों ने बताया कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद वहां तेजी से बिगड़ते हालात के मद्देनजर सरकार की प्राथमिकता अफगानिस्तान में फंसे लगभग 200 भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाना है। इनमें भारतीय दूतावास के कर्मी और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।

भारत सरकार द्वारा कही गई मुख्य बातें:-
>> भारत युद्धग्रस्त देश छोड़ने की इच्छा रखने वाले सिखों और हिंदुओं को आने के लिए सुविधाएं मुहैया कराएगा।
>> सरकार की प्राथमिकता अफगानिस्तान में फंसे लगभग 200 भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाना है। इनमें भारतीय दूतावास के कर्मी और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।

>> अफगानिस्तान की स्थिति पर उच्च स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार अफगानिस्तान में भारतीय नागरिकों और अपने हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाएगी।

>> काबुल स्थित भारतीय दूतावास में मौजूद राजनयिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के सशस्त्र बलों की टुकड़ी को सौंपी गई है और वे जब तक जरुरत होगी वहीं मौजूद रहेंगे।

>> हम अफगान सिख और हिंदू समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। हम उन लोगों की भारत वापसी के लिए सुविधा मुहैया कराएंगे जो अफगानिस्तान छोड़ना चाहते हैं।

>> पारस्परिक विकास, शैक्षिक और लोगों से लोगों के बीच के संपर्क के प्रयासों को बढ़ावा देने में भारत के सहयोगी रहे हैं और भारत उनके साथ खड़ा रहेगा।

>> भारत उन सभी अफगान नागरिकों को वीजा जारी करेगा जो विभिन्न विकास परियोजनाओं और गतिविधियों में सहयोग रहे थे।

>> भारत लोगों को बाहर निकालने के अपने मिशन के तहत सोमवार को एक और सी -17 विमान अफगानिस्तान में भेज रहा है।

इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने कहा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान काबुल में सुरक्षा स्थिति काफी खराब हो गयी है। मंत्रालय ने कहा की काबुल हवाई अड्डे पर वाणिज्यिक परिचालन को आज निलंबित कर दिया गया। इससे लोगों की वापसी के हमारे प्रयासों पर रोक लग गयी। हम प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए उड़ानों के पुन: शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

इस बीच, भारतीय वायुसेना का एक भारी-भरकम परिवहन विमान कल देर रात अफगानिस्तान के लिए रवाना हुआ था और वह ईरानी हवाई क्षेत्र के रास्ते वहां पहुंचा। वह विमान कई भारतीयों के साथ काबुल से भारत लौट आया है। घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों ने यह जानकारी दी। हालांकि इस उड़ान के बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

भारतीय वायु सेना के सी-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमान को पिछले दो दिनों से तैयार रखा गया है। अधिकारियों ने कहा कि काबुल में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारतीय दूतावास और अन्य स्थानों से भारतीयों लोगों को हवाईअड्डे पर लाने को लेकर भी सुरक्षा चिंताएं हैं। अधिकारियों ने कहा कि काबुल स्थित भारतीय दूतावास में मौजूद राजनयिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के सशस्त्र बलों की टुकड़ी को सौंपी गई है और वे जब तक जरुरत होगी वहीं मौजूद रहेंगे।

इससे पहले एअर इंडिया ने सोमवार को पूर्वनिर्धारित अपनी दिल्ली-काबुल-दिल्ली उड़ान को रद्द कर दिया। इसके साथ ही कंपनी पश्चिमी देशों से भारत आने वाले विमानों का परिचालन अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र से करने से बच रही है। एअर इंडिया ने यह कदम काबुल हवाई अड्डे के अधिकारियों द्वारा ‘अनियंत्रित स्थिति घोषित किए जाने के बाद उठाया।

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