तालिबान से चीन की दोस्ती पर बोले जो बाइडन- चीन तालिबान को धन मुहैया कराएगा जिसके कारण हमें भी कुछ समझौता करना होगा

संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान तालिबान को चीन से धन मिलने के बारे में पूछे जाने पर, जवाब देते हुए कहा कि चीन, पाकिस्तान, रूस और ईरान के विपरीत नहीं है। ड्रैगन बस यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आतंकवादियों द्वारा घोषित नई सरकार पर सबसे अच्छी प्रतिक्रिया कैसे दी जाए।

उन्होंने कहा, “चीन को तालिबान के साथ एक वास्तविक समस्या है। यही वजह है कि वे तालिबान के साथ कुछ व्यवस्था करने की कोशिश करने जा रहे हैं। मुझे इस बात का यकीन है। जैसा पाकिस्तान करता है, वैसा ही रूस और ईरान करता है। वे सभी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें अब क्या करना है।”

बता दें की काबुल के पतन से पहले ही चीन ने तालिबान को युद्धग्रस्त राष्ट्र के वैध शासक के रूप में मान्यता देने की तैयारी कर ली थी। इसके अलावा, अशरफ गनी शासन के गिरने से कुछ हफ्ते पहले, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने समूह के साथ ‘मैत्रीपूर्ण संबंध’ विकसित करने के लिए मुल्ला अब्दुल गनी बरादर से मुलाकात की थी। वांग यी ने 29 अगस्त को अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन के साथ भी फोन पर बात भी की थी। 

चीन और तालिबान की बढ़ती दोस्ती ने दुनिया के देशों की चिंता को बढ़ा दिया है। चीन से तालिबान की दोस्ती तब भी देखी गई थी जब पिछले जुलाई में तालिबान नेताओं के एक दल ने चीन की यात्रा की थी और वहां तालिबान और चीन दोनों ने एक दूसरे की जमकर तारीफ की थी। तालिबान ने चीन को अपना अच्छा दोस्त’ बताया और कहा कि वह अपनी जमीन का कभी भी चीन के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देगा।

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