बांग्लादेश : इस्लाम की धरती पर भजन-कीर्तन हराम, कट्टरपंथियों ने लूटा मंदिर

भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में एक बार फिर से कट्टरपंथियों की नफरत का शिकार हिंदू मंदिर हुए। बीते दो दिन पहले ही मंदिरों पर तोडफ़ोड़ और हमले की घटना सामने आई थी उसके बाद भी यह सिलसिला थमा नहीं। घटना बांग्लादेश के नरसिंहधी जिले के राधा कृष्ण मंदिर की है। जहां पूजा पाठ कर रहे श्रद्धालुओं की श्रद्धा कट्टरपंथियों को रास नहीं आई और उन्होंने मंदिर पर हमला बोल दिया। हिंसक मजहबी भीड़ ने मन्दिर परिसर में मौजूद पूजा अर्चना कर रहे हिंदुओं को पीटा, मंदिर की मूर्तियाँ तोड़ कर फेंक दीं और जमकर लूटपाट की। कट्टरपंथियों ने मंदिर में चल रहे कीर्तन को भी जबरन बंद करवा दिया गया।
पूरी घटना बांग्लादेश के नरसिंहधी जिले के मोनाहर्धी पुलिस थानांतर्गत आने वाले दौलतपुर यूनियन में हिंदुओं के राधा कृष्ण मंदिर की है जहां बहुसंख्यक मुस्लिमों की भीड़ ने हमला कर दिया। इस घटना से मुस्लिम बहुल बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय में दहशत पैदा हो गई है। स्थानीय हिंदू इतना अधिक डरे हुए हैं कि पुलिस के पास जाकर शिकायत करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार बुधवार (2 जून, 2021) को दौलतपुर स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में स्थानीय हिंदू कीर्तन कर रहे थे। तभी अचानक आक्रोशित कट्टरपंथियों की भीड़ मंदिर में घुस आई। मंदिर परिसर में कीर्तन कर रहे लोगों को पीटते हुए यह हिंसक भीड़ मंदिर पर टूट पड़ी और थोड़ी ही देर में मंदिर की मूर्तियाँ और अन्य सामान तोड़ कर फेंक दिया।

इस्लाम की धरती पर भजन-कीर्तन हराम

कट्टरपंथियो की धमकी के अनुसार, ‘इस्लाम की भूमि पर मंदिर और कीर्तन करना इस्लाम का अपमान है और मुसलमानों के देश में इस तरह की चीजों का कोई स्थान नहीं है’। काफी समय से स्थानीय अल्पसंख्यक हिंदुओं को मंदिर में कीर्तन बंद करने के लिए ऐसी ही धमकी दी जा रही थी, यह हमला उसी के चलते हुआ है। स्थानीय हिंदुओं कहना है कि कट्टरपंथियों की भीड़ मंदिर में होने जाने वाले कीर्तन से नाराज थी। पहले भी कई बार मंदिर में कीर्तन किए जाने पर स्थानीय मुस्लिम रोष प्रकट कर चुके थे।

कब तक सहेगा हिंदुस्तान
बांग्लादेश के हिंदू मंदिर और अल्पंख्यक हिंदू कट्टरपंथियो की नफरत के शिकार सिर्फ एक बार नही हुए है इससे पहले भी ऐसा होता आया है। बांग्लादेश में अब यह कोई नई बात नही है। लगातर हो रही इस तरह की घटनाओं के बाद से स्थानीय अल्पसंख्यक समुदायों में भय का माहौल है। पाकिस्तान-बांग्लादेश जैसे बहुसंख्यक मुस्लिम देशों में अल्पसंख्यक हिंदुओं औऱ बौद्धों के मंदिरों पर हमला होना आम बात है। अभी हाल ही में पिछले रविवार (30 मई, 2021) को बांग्लादेश में दो हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया गया था। हिंसक मज़हबी मुसलमानों की भीड़ ने दो हिन्दू मंदिरों पर हमला कर मूर्तियाँ तोड़कर सड़क पर फेंक दी थी।
गौरतलब है कि मंगलवार (01 जून, 2021) को ही बांग्लादेश में मां सरस्वती और काली मंदिर में भी तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी।पहली में घटना आगामारा गाँव में मौजूद काली माँ के मंदिर पर कट्टरपंथियों की भीड़ ने हमला कर देवी प्रतिमा को विखंडित कर सड़क पर फेंक दिया था। उसी दिन हिंसक कट्टरपंथियों की दूसरी भीड़ ने भुक्तापुर गाँव के सरस्वती मंदिर पर देर रात आक्रमण कर माँ सरस्वती की प्रतिमा को तोड़कर सड़क पर फेंक दिया था। इससे पहले 24 मई को चंदनपुर जिले के हाजीगंज गाँव में श्री राज लक्ष्मी नारायण मंदिर पर हमला करके मूर्तियाँ तोड़ दी थी और जम कर पथराव किया था।

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