Bakrid 2021: बकरीद पर योगी सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश, 50 से ज्यादा लोगो पर लगी पाबंदी

यूपी की योगी सरकार ने बुधवार, 21 जुलाई को ईद उल-अजहा यानी बकरीद के मौके पर सोमवार को दिशा-निर्देश जारी किए है। जिसमे सीएम योगी ने निर्देश दिए है कि कोविड महामारी को देखते हुए पर्व से जुड़े किसी आयोजन में एक समय में 50 से अधिक लोग एक स्थान पर एकत्र नहीं हों।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को बकरीद पर्व के मद्देनजर सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। योगी के आदेशानुसार 50 से अधिक लोगो को एक स्थान पर एकत्र नहीं होने के दिशा निर्देश दिए गए है।

इसके साथ ही गोवंशीय पशु, ऊंट और अन्य किसी प्रतिबंधित जानवर की कुर्बानी पर रोक लगाई है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी का कार्य सार्वजनिक स्थान पर नहीं किया जाए। इसके लिए चिन्हित स्थलों और निजी परिसरों का ही उपयोग हो।

इस दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। बता दें की बकरीद का पर्व पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम द्वारा अल्लाह के प्रति अगाध प्रेम और त्याग की भावना को याद करते हुए मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 21 जुलाई को मनाया जाएगा। 

बेजुबान जानवरो की कुर्बानी पर रोक लगे

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने सभी मुस्लिम धर्मगुरुओं से अपील की है कि कोरोना संकटकाल में वे मस्जिदों से ऐलान करें कि लोग अपने घरों में ही बकरीद की नमाज अदा करें। इस दिन ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बेजुबान जानवरों की कुर्बानी पर भी रोक लगनी चाहिए।

महंत नरेंद्र गिरी ने आगे कहा कि, पहले सनातन धर्म में भी देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए पशुओं की बलि देने की प्रथा थी, लेकिन अब हिंदू समाज ने इस कुप्रथा को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।

अब पशुओं की जगह नारियल फोड़ने की परंपरा निभाई जाती है। इससे न किसी की धार्मिक आस्था को ठेस पहुँची है, न ही हमारी परंपरा से छेड़छाड़ हुई और जीव हत्या भी रुक गई है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसा ही प्रयास मुस्लिम धर्मगुरुओं को करना चाहिए। बकरीद पर लाखों बेजुबान जानवरों की कुर्बानी दी जाती है, इसे रोकने जरूरत है।

मुस्लिम समुदाय के लोगों को इसे रोकने के लिए आगे आना होगा। कोई भी धर्म किसी भी जीव की हत्या करना नहीं सिखाता, बल्कि सभी दूसरों के जीवन की रक्षा करना सीखाते हैं। मुस्लिम धर्मगुरु अपने समुदाय के लोगों को जीव हत्या करने से रोकेंगे तो समाज में बेहतर माहौल बनेगा।

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