तालिबान को मान्यता देने के सवालों के बीच पीएम मोदी बोले- हथियार के दम पर तालिबान ने बनाई सरकार सोच समझकर ही दें मान्यता

पीएम मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान और तालिबान को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि, “अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम का सबसे अधिक प्रभाव भारत जैसे पड़ोसी देशों पर होगा और इसलिए, इस मुद्दे पर क्षेत्रीय फोकस और सहयोग जरूरी है। यह जरूरी है कि वैश्विक समुदाय सामूहिक रूप से और उचित विचार-विमर्श के साथ नई प्रणाली की मान्यता पर निर्णय ले। इस मामले पर भारत यूनाइटेड नेशंस का समर्थन करता है।”

पीएम ने इस बात पर भी जोर दिया कि अफगानिस्तान में हथियारों के दम पर सरकार बनाई गई है। ऐसे में अगर जल्द ही अफगानिस्तान में शांति बहाल नहीं की गई तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर अफगानिस्तान इसी तरह अस्थिर रहता है और कट्टरवाद हावी रहता है तो आतंकवाद को प्रोत्साहन मिलेगा। इस जमीन का इस्तेमाल न केवल आतंकी गतिविधियों बल्कि मानव तस्करी, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के लिए भी किया जा सकता है। बड़ी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार अफगानिस्तान में रह गए हैं।

इनके कारण पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बना रहेगा। पीएम मोदी ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का सिद्धांत होना चाहिए। सीमा पार आतंकवाद और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए इसकी एक आचार संहिता होनी चाहिए। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मेलन को संबोधित किया। इससे पहले के सत्र में भी पीएम मोदी ने कट्टरपंथ को लेकर चिंता जताई थी। उस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी मौजूद थे।

दूसरे सत्र में नई दिल्ली से ही संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने अफगानिस्तान मसले को लेकर 4 मुख्य मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा है कि पहला मुद्दा यह है कि अफगानिस्तान में सत्ता-परिवर्तन समावेशी नहीं है, और बिना बातचीत के हुआ है। दूसरे बात उन्होंने कही कि अगर अफगानिस्तान में अस्थिरता और कट्टरवाद बना रहेगा, तो इससे पूरे विश्व में आतंकवादी और चरमपंथी विचारधाराओं को बढ़ावा मिलेगा। अन्य उग्रवादी समूहों को हिंसा के माध्यम से सत्ता पाने का प्रोत्साहन भी मिल सकता है। 

पीएम मोदी ने भयंकर मानवीय संकट को चौथा सबसे बड़ा मसला बताया है। उन्होंने कहा है कि वित्तीय और व्यापार प्रवाह में रूकावट के कारण अफगान जनता की आर्थिक हालात ख़राब होती जा रही है। इसके साथ ही कोविड की चुनौती भी बनी हुई है। इस सब के अलावा SCO सम्मलेन में मोदी ने साफ कर दिया कि अफगानिस्तान के विकास में भारत का एक सक्रिय योगदान रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभी भी अफगानिस्तान को हर संभव मदद दी जाएगी। फूड पैकेट बांटने की भी तैयारी की जा रही है।

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