अमेरिकी वैज्ञानिकों ने बनाया ‘कूलिंग पेपर’, इससे कवर हुई बिल्डिंग्स और घरों को नहीं होगी कूलिंग सिस्टम की जरूरत

अमेरिकी (American) के बॉस्टन (Boston) की नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी (Northeastern University) के वैज्ञानिकों ने तैयार किया ऐसा पेपर जो बिना एसी के घर को ठंडा रखने का काम करेगा। वैज्ञानिकों ने इसे ‘कूलिंग पेपर’ का नाम दिया है। शोधकर्ताओं का दावा है, कूलिंग पेपर से घर और बिल्डिंग कवर की जाएगी। कूलिंग सिस्टम की मदद से बिल्डिंग्स और घरों को ठंडा रखने के लिए मदद मिलेगी।

अमेरीकी शोधकर्ता यी झेंग के मुताबिक, कूलिंग पेपर का रंग हल्का होता है। यह घरों पर पड़ने वाली सूरज की तेज किरणों को परावर्तित करता है। इसके अलावा यह घर और बिल्डिंग के अंदर इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट, कुकिंग और शरीर की गर्मी को खींचते हैं। फिर इस गर्मी को घर और बिल्डिंग के बाहर ट्रांसफर करता है। यी झेंग के अनुसार, यह खास तरह का पेपर है जिसमें बेहद बरीक छिद्र हैं। यह माइक्रोफायबर से बना है जो गर्मी को एब्जॉर्ब करके माहौल को ठंडा रखता है।

उन्होंने आगे बताया, कूलिंग पेपर बनाने का आइडिया तब आया जब उन्होंने एक बाल्टी में कई सारे प्रिंटिंग पेपर पड़े देखे। तभी वेस्ट मैटेरियल से नई खोज करने की ठानी। उन्होंने सभी पेपर्स को ब्लेंडर से पीसने के बाद उसका पेस्ट तैयार किया। इस पेस्ट से तैयार पेपर का प्रयोग घरों पर एक लेयर चढ़ाने में किया। यह पेपर घरों को कितना ठंडा रखता है, इसके लिए अलग-अलग तापमान पर पेपर की क्षमता का ट्रायल किया गया। ट्रायल के दौरान वैज्ञानिकों की टीम ने पाया कि कूलिंग पेपर की मदद से कमरे का तापमान 10 डिग्री तक घटाया जा सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है, कूलिंग पेपर इको-फ्रेंडली है। इसे रिसायकल भी किया जा सकता है। इससे मौसम के असर, तापमान और सोलर रेडिएशन से भी बचा जा सकता है। खास बात है कि रिसायकल करने के बाद फिर से बना कूलिंग पेपर ऑरिजनल जितना असरदार रहता है।

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