अमेरिकी वैज्ञानिकों ने ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम के लिए विकसित की वैक्सीन, ह्यूमन ट्रायल शुरू

अमेरिका के क्लीवलैंड क्लीनिक ने ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलो मे रोक लगाने के लिए एक वैक्सीन विकसित की है। जिसके पहले चरण का ट्रायल शुरू हो चुका है। वैज्ञानिकों का दावा है की इस वैक्सीन की सहायता से ट्रिपल निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर को कंट्रोल किया जा सकेगा। अमेरिका के क्लीवलैंड क्लीनिक द्वारा विकसित इस ब्रेस्ट कैंसर की बैक्सीन को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अप्रूवल मिल चुका है। 

फिलहाल क्लीवलैंड क्लीनिक वैक्सीन कंपनी एनिक्सा बायोसाइंस के साथ मिलकर वैक्सीन के पहले चरण का ट्रायल शुरू कर रही है। पहले चरण के ट्रायल में ट्रिपल-निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर से जूझने वाली शुरुआती मरीजों को यह वैक्सीन दो से तीन बार दी जाएगी। 2 हफ्तों तक वैक्सीन के असर और साइड इफेक्ट पर नजर रखी जाएगी। यह पूरा ट्रायल सितम्बर 2022 तक पूरा होगा। 

कैंसर से लड़ने के लिए इनकी बॉडी में कितना इम्यून रिस्पॉन्स दिख रहा है, इसे समझा जाएगा। बता दें ट्रायल से पहले इस कैंसर से जूझने वाले 18 से 24 साल के मरीजों को यह वैक्सीन दी गई। नेचर मेडिसिस जर्नल में पब्लिश रिसर्च कहती है, यह वैक्सीन दूसरे ट्यूमर पर भी असरदार साबित होगी। अगर पहला ह्यूमन ट्रायल सफल रहता है तो यह वैक्सीन बड़ा बदलाव ला सकेगी।

क्लीवलैंड क्लीनिक्स लर्नर रिसर्च इंस्टीट्यूट के इम्यूनोलॉजिस्ट और वैक्सीन तैयार करने वाले विंसेंट ट्यूओफी कहते हैं, ” नई वैक्सीन में ब्रेस्ट कैंसर को रोकने की क्षमता है। ब्रेस्ट कैंर के जितने भी मामले सामने आते हैं उनमें से 12 से 15 तक ट्रिपल-निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर के मरीज होते हैं। यह ब्रेस्ट कैंसर का सबसे गंभीर प्रकार होता है। इसके मामले अधिक अफ्रीकन और अमेरिकन महिलाओं में दिखते हैं। इसलिए इसे कंट्रोल करने की जरूरत है।”

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