अफगान शरणार्थी को दूसरे देशों में जाने से नहीं रोकना चाहिए, पड़ोसी देशों को भी अपनी सीमाएं खोल देनी चाहिए: UNHRC

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बीच संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि अफगानिस्तान में सुरक्षा की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। ऐसे में पड़ोसी देशों को शरणार्थियों के लिए सीमाएं खोल देनी चाहिए। अफगान शरण चाहने वालों को सीधे दूसरे देशों में जाने से नहीं रोकना चाहिए। बता दें ये बातें यूएनएचसीआर के एशिया और प्रशांत क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रवक्ता कैथरीन स्टबरफील्ड द्वारा कही गई है।

उन्होंने कहा की हजारों अफगान तालिबान से भागने की कोशिश कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर अफगान सीमा पार कर पड़ोसी देशों में भी पहुंच सकते हैं। ऐसे में सभी देशों को उन्हें अपने देश में शरण देनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा है कि अफगानिस्तान में 35 लाख लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं, जिसमें इस साल जनवरी से अब तक 550,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।

स्टब्बरफ़ील्ड ने कहा कि अफ़ग़ान शरणार्थियों की बड़ी संख्या के मामले में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अफ़ग़ानिस्तान और उसके पड़ोसियों के लिए समर्थन बढ़ाने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने आगे कहा की, यूएनएचसीआर सुरक्षा की आवश्यकता वाले अफ़गानों को निकालने या फिर से बसाने के लिए कई देशों द्वारा की गई एकजुटता की अभिव्यक्ति का स्वागत करता है।

बता दें अफगानिस्तान में गहराते संकट के बीच भारत में बड़ी संख्या में अफगान शरणार्थियों ने सोमवार को दिल्ली के यूएनएचआरसी दफ्तर के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इन लोगों की मांग संयुक्त राष्ट्र एजेंसी से दूसरे देशों में रहने के लिए इमिग्रेशन लेटर जारी करने की है। इसके साथ ही ये लोग रिफ्यूजी स्टेटस/कार्ड की भी मांग कर रहे है। सोमवार सुबह शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन रात तक जारी रहा और कई लोग बिस्तर तक लेकर आ गए।

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