अधीर रंजन चौधरी ने कांग्रेस नेता आनंद शर्मी को दी नसीहत, कह दी बड़ी बात

बिते सप्ताह शुक्रवार को चुनाव आयोग द्वारा चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की तारीखों के ऐलाने ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. लेकिन सबसे ज्यादा अगर चुनावी बयार कही बह रही है तो वो हैं पश्चिम बंगाल. बंगाल में सत्ताधारी टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला इस बार नजर आ रहे है. वहीं बंगाल के चुनावी दंगल में कांग्रसे भी अब खुल कर सामने आ गई है.

कांग्रेस  पार्टी के वरिष्ठ नेतागण  के समूह जिसे जी – 23 कहा जा रहा है उसने सभी का ध्यान अपनी और खींचा है. इस जी – 23 ग्रुप में कांग्रेस नेता गुमान नबी आजाद, कपिल सिब्बल और आनंद शर्मा जैसा नेता शामिल है. जी – 23 ग्रुप को लेकर भाजपा को कांग्रेस पर एक तहर से एक बार फिर हमला बोलने का मौंका मिल गया है.


इसी बीच कांग्रेस के सांसद आनंद शर्मा ने सोमवार को बंगाल में अब्बास सिद्दीकी की पार्टी के साथ गठबंधन करने को लेकर  पार्टी पर सवाल उठाया था. वहीं अब आनंद शर्मा  को  बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने  नसीहत दी और अब्बास सिद्दीकी के नेतृत्व वाले आईएसएफ के साथ कांग्रेस के गठजोड़ के फैसले को जायज करार दिया. दरअसल, कल आनंद शर्मा ने ट्वीट किया था और कहा था कि, सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस चयनात्मक नहीं हो सकती है. हमें हर सांप्रदायिकता के हर रूप से लड़ना है.

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पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की उपस्थिति और समर्थन शर्मनाक है, उन्हें अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए. आईएसएफ और ऐसे अन्य दलों से साथ कांग्रेस का गठबंधन पार्टी की मूल विचारधारा, गांधीवाद और नेहरूवादी धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है, जो कांग्रेस पार्टी की आत्मा है. इन मुद्दों को कांग्रेस कार्य समिति पर चर्चा होनी चाहिए थी.

वहीं कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा के इस बयान पर बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने ट्विट कर कहा कि  जो लोग पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं वह पांच राज्यों में प्रचार करें न कि बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए बयान दें. वरिष्ठ कांग्रेसियों का एक गुट सिर्फ अपने फायदे के लिए मौका तलाशना बंद करे और प्रधानमंत्री की तारीफ कर के वक्त जाया ना करे”इसके बाद अधीर रंजन ने बंगाल के गठबंधन को लेकर कहा कि हम बीजेपी की सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति और एक निरंकुश शासन को हराने के लिए दृढ़ हैं.

कांग्रेस को सीटों का पूरा हिस्सा मिला है. वाम मोर्चा ने अपने हिस्से से इंडियन सेकुलर फ्रंट- ISF को सीटें दी हैं. आपको बता दे कि बंगाल में कांग्रेस पार्टी ने वाम दलों के साथ गंठबंधन किया और अब बंगाल में अब्बास सिद्दीकी की पार्टी इंडियन सेकुलर फ्रंट के साथ गठबंधन किया है , जिसको लेकर कांग्रेस के ही नेता आनंद शर्मा ने पार्टी के इस निर्णय पर सवाल खड़े किए है.

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