अ ‘न्याय’ : जब 11 महीने बाद भी नाबालिग रेप पीड़िता को नही मिला न्याय तो अपने लिए चुनी मौत …

कहते है न्याय मे देरी अन्याय के समान ही होती है। ऐसा ही कुछ राजस्थान (Rajasthan) के भरतपुर से दिल फाड़ कर रख देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, राजस्थान (Rajasthan) के भरतपुर के कामा थाना इलाके में एक नाबालिग गैंग रेप पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुंचकर खुद पर केरोसिन तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया।

हालांकि उस समय पुलिस कर्मियों ने नाबालिग पीड़िता को बचा लिया फिलहाल बच्ची को समझाकर बुझाकर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन देकर घर भेज दिया है। वहीं, भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक प्रसन्न कुमार खमेसरा ने बताया कि मामला बीते वर्ष का है, जहां एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। इसमें एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है बाकी तीन अन्य के बारे में जांच जारी है।

पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, मामला कामा थाना इलाके का है, जहां 18 जुलाई 2020 को नाबालिग लड़की का चार लड़के वकील, ताहिर, खालिद, कयूम ने अपरहरण किया और फिर चंडीगढ़ ले जाकर उसके साथ कई दिनों तक बारी-बारी से दुष्कर्म किया था और फिर छोड़कर फरार हो गए। नाबालिक के परिजनों के मुताबिक घटना को अब तक 11 महीने बीत चुके है, लेकिन 11 महीने बीत जाने के बाद भी एक भी आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

घटना के बाद पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ पुलिस में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। लेकिन फिर बदमाश गिरफ्तार नहीं हो सके। इतना ही नही पीड़िता के परिजनों के अनुसार, 21 जनवरी 2021 को जब पीड़िता की बड़ी बहन स्कूल पढ़ने जा रही थी तभी रास्ते में उनकी आरोपियों ने उसका अपहरण कर दुष्कर्म करने का प्रयास किया व परिजनों ने दूसरा मामला भी आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराया, मगर पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।

पीड़िता ने बताया की मेरे साथ चार लड़कों ने अपहरण कर दुष्कर्म किया और उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गयी, यदि उन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो मुझे आत्महत्या करनी पड़ेगी। दरअसल, पीड़िता ने पहले भी आरोप लगाया था कि जांच अधिकारी व कामा पुलिस सीओ प्रदीप यादव ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के नाम पर पीड़ित पक्ष से 2 लाख रुपए रिश्वत ले ली, फिर भी आरोपी अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है। इस पर भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक प्रसन्न कुमार खमेसरा ने कहा, जहां तक पीड़िता द्वारा सीओ पर रुपए लेने का आरोप है तो इन सभी की जांच के लिए एएसपी को नियुक्त किया है, जिसकी जांच की जा रही है।

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