अ ‘न्याय’ : न्याय मांगने थाने पहुंची पीड़ित महिला से DSP ने किया दुष्कर्म

बिहार सरकार सीना ठोक कर कहती है की उनके राज में महिलाएं सबसे ज्यादा सुरक्षित है। बिहार में राम राज्य होने का दावा करने वाली नीतीश सरकार की नाक के नीचे ही रोजाना सैकड़ों महिलाओं से दरिंदगी होती है। लेकिन मजाल है की नीतीश सरकार ने कभी इस ओर जरा भी ध्यान दिया हो। ऐसा ही सुशासन को ताक पर रख देने वाला बिहार के समस्तीपुर से सामने आया है।

जहां न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंची पीड़ित महिला से सुशासन के नुमाइंदे बने बैठे डीएसपी साहब ने ही छेड़छाड़ कर दुष्कर्म का प्रयास किया। दरअसल, समस्तीपुर की रहने वाली पीड़ित महिला ने वर्तमान में पदस्थापित STF के डीएसपी अमन कुमार पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है। महिला ने बताया कि ‘पुलिस मुख्यालय में मुझे सर्वजीत नाम का एक व्यक्ति मिला जिसे मैं पहले से नहीं जानती थी। सर्वजीत ने मुझे एसटीएफ में तैनात डीएसपी अमन कुमार से यह कहकर मिलवाया कि आपको सिर्फ यही न्याय दिलवा सकते हैं।

न्याय के नाम पर डीएसपी ने मुझसे मेरा मोबाइल नंबर लिया और व्हाट्सएप पर घूमने की चैटिंग और अश्लील वीडियो भेजने लगे। घटना के 2 वर्ष (2020 जनवरी) बीत जाने के बाद डीएसपी अमन कुमार मुझे न्याय सम्बंधित मामले में एसएसपी कार्यालय ले जाने के बहाने इको पार्क ले गया। जहां उसने मेरे साथ गंदी हरकत की और विरोध करने पर जबरन गार्ड रूम में शारिरिक संबध बनाया। वहीं जब इस घटनाक्रम की जानकारी मैंने सर्वजीत को दी तो वह उल्टा मुझे ही डराने धमकाने लगा।’

पीड़िता का कहना है कि उसने न्याय के लिए आयोग से लेकर पुलिस के तमाम आला अधिकारियों तक को पत्र लिखा लेकिन आज तक ना तो डीएसपी पर कोई कार्रवाही हुई और ना ही पूर्व केस का मामला सुलझा। जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस मुख्यालय पहुंचकर एडीजी मुख्यालय जितेंद्र कुमार को लिखित में आवेदन दिया।महिला की शिकायत पर एडीजी मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि “साक्ष्य के आधार पर दोषी कोई भी हो बख्शा नही जाएगा चाहे पुलिसवाला ही क्यों न हो।”

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