9 साल की मासूम बच्ची से अधेड़ उम्र के रिटायर्ड टीचर ने किया रेप, उसके बाद की हत्या की कोशिश

बंगाल में हिन्दू परिवारों की औरतों बच्चियों के साथ लगातार हो रही हिंसा और बलात्कार के बीच पश्चिम बंगाल के मालदा से एक और नई घटना सामने आई है। घटना पश्चिम बंगाल की मालदा के मानिकचक की है जहां 62 वर्षीय रिटायर्ड टीचर ने 9 साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या करने की कोशिश की।बलात्कार करने वाले आरोपित 62 वर्षीय रिटायर्ड टीचर का नाम रफीकुल इस्लाम है।
बलात्कार का शिकार हुई बच्ची दलित हिंदू समुदाय से है। दलित समुदाय की इस बच्ची की माँ ने पुलिस में शिकायत दर्ज की है।बंगाल की इस घटना के पर मुख्यधारा की मीडिया की चुप्पी हैरान करने वाली है। पीड़ित बच्ची की माँ की तहरीर पर मालदा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस को आरोपित रफीकुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है।आरोपित पर पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

हिंदू बहन बेटियों कि इज्जत दांव पर लगी
पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद, ममता बनर्जी की जीत के बाद से वहाँ के हिंदू लगातार अत्याचार सह रहे हैं। हत्या लूट से लेकर बहन-बेटियों के बलात्कार की घटनाएँ सामने आ रही हैं और बंगाल हाईकोर्ट भी राज्य में सब कुछ ठीक बताकर ममता की पीठ थपथपा चुका है। हालांकि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा भी पश्चिम बंगाल का दौरा करने के बाद यह कह चुकी हैं कि वहाँ हिन्दू महिलाओं को लगातार बलात्कार की धमकियाँ मिल रही हैं।
रेखा शर्मा ने कहा था कि बंगाल में हिंदू, खासकर दलित समुदाय इतना डरा हुआ है कि बच्चियों के बलात्कार के बाद पुलिस के पास शिकायत करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाता। महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा था कि हिन्दू परिवार अपनी बच्चियों को राज्य के बाहर भेजना चाहते हैं क्योंकि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।
अब तक 1627 मामले , 12 रेप और 20 मर्डर

पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद, ममता बनर्जी की जीत के बाद से वहाँ के हिंदू लगातार अत्याचार सह रहे हैं। हत्या लूट से लेकर बहन-बेटियों के बलात्कार की घटनाएँ सामने आ रही हैं। जिसकी छानबीन करने के लिए दो दिवसीय राज्य दौरा करने के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग( NCSC) के चेयरमैन विजय साँपला ने कहा था, “2 मई के बाद यहाँ जिस तरह की घटनाएँ हुई हैं, वह चिंताजनक है।” उन्होंने कहा, “1947 के बाद पहली बार बलात्कार, हत्याएँ किसी राज्य के संरक्षण में हो रही हैं। इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित अनुसूचित जाति के लोग हुए हैं।” NCSC की जाँच में खुलासा हुआ था कि बंगाल में चुनाव नतीजों के दलितों के खिलाफ हिंसा के 1627 मामले सामने आए हैं, जिनमे 12 रेप और 20 हत्या की घटनाएँ शामिल थीं।

गौरतलब हो कि कुछ दिन पहले ही बंगाल की वीरभूमि में एक दलित युवती को अशफ़ाक मलिक नाम के व्यक्ति ने धारदार चाकू से हमला कर घायल कर दिया था। धारदार चाकू से निर्दयता पूर्वक किए इस हमले में युवती बुरी तरह घायल हो गई। युवती को नजदीकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है जहाँ उसकी हालत अभी तक नाजुक बनी हुई है। इलाज जारी है।

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