नवनीत कुमार गुप्ता
देश के वैज्ञानिकों के लिए शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार का अहम स्थान है।यह पुरस्कार देश के प्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के संस्थापक महानिदेशक रहे डॉ. शांति स्वरूप भटनागर की स्मृति में प्रदान किया जाता है।
11 सितंबर, 2023 को नई दिल्ली में सीएसआईआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस कम्युनिकेशन एंड पॉलिसी रिसर्च (सीएसआईआर—निस्पर) के वन वीक वन लैब कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में, वर्ष 2022 के लिए शांति स्वरूप भटनागर (एसएसबी) पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा की गयी।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री और सीएसआईआर के उपाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह भी उपस्थित थे। इन पुरस्कारों की घोषणा वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) की सचिव और वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की महानिदेशक डॉ. एन कलाईसेल्वी द्वारा की गई।
इस अवसर पर सीएसआईआर-मानव संसाधन विकास समूह की प्रमुख डॉ.
गीतावानी रायसम ने एसएसबी पुरस्कार से सम्मानित होने वाले विजेताओं के योगदानों का उल्लेख किया। वर्ष 2022 के लिए प्रतिष्ठित एसएसबी पुरस्कार सात विषयों में बारह अग्रणी वैज्ञानिकों को प्रदान किया जाना है। दो-दो वैज्ञानिकों को क्रमशः जैविक, रसायन, इंजीनियरिंग, गणितीय और भौतिक विज्ञान के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
जैविक विज्ञान में डॉ. अश्वनी कुमार और डॉ. मदिका सुब्बा रेड्डी, रासायनिक विज्ञान में अक्कट्टू टी बीजू और देबब्रत मैती, इंजीनियरिंग विज्ञान में दीप्ति रंजन साहू और रजनीश कुमार, गणितीय विज्ञान में अपूर्वा खरे और नीरज कयाल, भौतिक विज्ञान में अनिंद्य दास और बासुदेब दासगुप्ता विज्ञान, पृथ्वी विज्ञान में विमल मिश्रा और चिकित्सा विज्ञान में दीप्यमान गांगुली को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार के लिए चुना गया है।