राकेश टिकैत का बड़ा फैसला, बोले – जारी रहेगा किसान आंदोलन

आज सुबह जब पीएम मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया था तब यह अटकलें तेज हो गई थी की अब शायद किसान आंदोलन खत्म हो जायेगा और दिल्ली हरियाणा बॉर्डर की सड़के खाली हो जाएंगी। किंतु किसान यूनियन संघ के प्रमुख राकेश टिकैत ने अब इस सवाल पर पूर्ण विराम लगा दिया है। जी हां, दरअसल किसान नेता राकेश टिकैत ने सड़के खाली करने से साफ साफ इंकार करते हुए यह कह दिया है की जब तक तीनों कृषि कानून संसद में वापस नही किए जाते तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।


मीडिया से बातचीत के दौरान राकेश टिकैत ने कहा, “पीएम मोदी पहले संसद में जाए और जो भी कार्यवाही है उसको पूरा करें…आज संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होगी…उसी मे सभी चीजें तय की जाएगी।” उन्होंने कहा हमारी एक कमेटी बनेगी। जो अलग आला मुद्दो पर भारत सरकार से बात करेगी। टिकैत ने मोदी सरकार से एमएसपी गारंटी की मांग करते हुए कहा की, किसानों की एमएसपी पर कोई खरीद नहीं होती इसलिए सरकार हमें एमएसपी की गारंटी दे।
इसके साथ ही किसान नेता राकेश टिकैत ने किसानों को आगाह करते हुए कहा की, किसानों को अभी खुशियां मनाने की जरूरत नहीं है, यह संघर्ष अभी भी जारी ही रहेगा। उन्होंने आगे कहा, “ ये आंदोलन तब तक वापस नही होगा… जब तक संसद में इन तीनों कृषि कानूनों को निष्क्रिय नही कर दिया जाता..हम चाहते है…की सरकार किसानों के साथ बैठकर एमएसपी पर भी चर्चा करें..।”


वहीं मोदी सरकार द्वारा कानून वापस लिए जाने पर जीत को लेकर राकेश बोले, “यह जीत हम सभी किसानों की है..इस जीत का श्रेय उन 700 किसानों को जाता है..जिनकी एक साल के अंदर मृत्यु हुई है..यह संघर्ष और लंबा चलेगा और आगे भी जारी रहेगा।” टिकैत ने पीएम मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा की, केवल ऐलान कर देने से कुछ नही होगा जब तक कानून वापस लेने को लेकर कानूनी दस्तावेज नही आ जाते ये आंदोलन नही थमने वाला। 


उन्होंने आगे कहा की उन्हें किसानों के लिए एक ऐसा कानून चाहिए जो एमएसपी की गारंटी देता हो और इस  विषय पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। जब तक इस विषय पर साफ़-साफ़ बात नही की जाएगी तब तक हम मे से कोई भी किसान वापस घर नही जाएगा और ना ही इस  आंदोलन को खत्म किया जाएगा।” इतना ही नहीं राकेश टिकैत ने किसानों के ऊपर पिछले एक साल से दर्ज शिकायतों को भी हटाने की मांग की है। उन्होंने सरकार से अपील की है की अब तक जितनी भी शिकायतें किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुई है उन्हे तुरंत वापस लिया जाए।


अपने भाषण के अंतिम मे उन्होंने फिर से किसानों को उकसाते हुए कहा की, “बॉर्डर से कोई भी किसान वापस नही जाएगा। 22 नवम्बर को लखनऊ मे फिर एक बड़ा आंदोलन होगा और 28 नवम्बर मे एक बड़ा आंदोलन मुंबई में आयोजित होगा।” टिकैत ने कहा भले ही सरकार अपने कदम पीछे ले ले परंतु हम पीछे नहीं हटने वाले है। गौरतलब हो की शुक्रवार सुबह प्रधानमन्त्री मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर दिया है।

More articles

- Advertisement -
Web Portal Ad300x250 01

ताज़ा ख़बरें

Trending