योग के बाद अब आयुर्वेद का विश्वभर में बजेगा डंका

योग का लाभ आज पूरे विश्व के लोग उठा रहे है. भारत ने पुरी दुनिया को ये नायाब तौंफा दिया है. दुनिया के विकास में भारत का हमेशा से योगदान रहा है और ये बात विश्वभर के लोग जानते है. योग की तरह अब आयुर्वेद को भी वैश्विक ब्रांड बनाने की पहल की शुरूआत होने जा रही है. दरअसल, इसी साल अक्टूबर में गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में आयुर्वेद पर पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है.

इसके लिए विशेष लोगों और कलर कोड तैयार करवाई जा रही है. बात अगर इस सम्मेलन की करे तो इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत पूरी दुनिया के सामने स्वास्थ्य और खासकर जीवन जीने की शैली से जुड़ी समस्याओं के इलाज में प्राचीन चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता का प्रदर्शन करेगा. अगर सही माने में कहे तो आयुर्वेद का परिचय पुरी दुनिया से कराने का ये बिल्कुल सही समय है क्योकि वर्तमान में कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को परेशान किया हुआ है. कोरोना के इस काल में पुरी दुनिया में कोविड – 19 के संक्रमण से बचने के लिए आयुर्वेद के फार्मूले की खास चर्चा रही है.

साथ ही लोगों को आयुर्वेद के फार्मूले अपनाने से काफी फायदा हुआ है. आयुर्वेद की सबसे खास बात ये है कि इसका को शाइड इफैक्ट नहीं होता. इस तरह आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को पुरी दुनिया के सामने रखने का इससे ज्यादा अनुकूल समय नहीं हो सकता है. भारत सरकार का ये कदम सराहणीय है. 

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