महाकुंभ – 2021 : पेड़ो को बचाने के लिए अखाड़ो द्वारा धर्म ध्वजा स्थापित किए जाने की परंपरा में हुआ बदलाव

महाकुंभ – 2021 के शुरू होने में अब बस कुछ ही दिन का समय रह गया है. आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं. शाही स्नान की भी तिथियां सामने आ गई है और अब बस सभी को इंतजार है महाकुंभ के शुरू होने का. इस बीच महाकुंभ शुरू होने से पहले तमाम अखाड़े नगर प्रवेश के बाद अपनी धर्म ध्वजा छावनियों में स्थापित करने पहुंच रहे है और अब हरिद्वार में महाकुंभ की शुरवात होने को है. धर्म ध्वजा स्थापित किए जाने की परंपरा में थोड़ा बदलाव होने जा रहा है. दरअसल, धर्म ध्वजा स्थापित किए जाने की प्रक्रिया में एक विशेष कद – काठी के पेड़ के तने को काटकर लाया जाता है, लेकिन इस बार पेड़ो को बचाने और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इसमें थोड़ा बदलाव किया गया है. इस बार धर्मध्वजा के लिए पेड़ों को नहीं काटा जाएगा, बल्कि स्टील के बड़े पोल पर पूजा-अर्चना कर धर्म ध्वजा ससम्मान स्थापित की जाएगी. आपको बता दे कि अखाड़ों की छावनियों में स्थापित होने वाली धर्म ध्वजाओं को लगाने के लिए 108 फीट से 151 फीट तक की लकड़ी का प्रयोग किया जाता रहा है पर इस बार अखाड़ो द्वार धर्म ध्वाजा स्थापित किए जाने की परंपरा में पेड़ो को बचाने की मुहिम के तहत थोड़ा बदलाव लाया गया है. आपको बता दे कि हर बार इस परंपरा के अनुसार 26 पेड़ों को काटा जाता है जिन्हें बड़ा होने में दो दशक से अधिक का समय लगता है. इस बार अखाड़ो द्वार धर्म ध्वाजा स्थापित किए जाने की प्रक्रिया में थोड़ा सा बदलाव लाया जा रहा है जिससे इस बार पेड़ो को बचाने में मदद मिलेगी. आखिरकार इस आधुनिक युग में हमें पर्यावरण के बारे में सोचना ही पड़ेगा क्योकि पर्यावरण को पहले ही काफी नुकसान पहुंचाया जा चुका है.

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