बाइडन से अमेरिकियों और दुनिया को भी उम्मीदें

दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में अब सत्ता डेमोक्रेट्स के हाथ में चली गई है. हाल ही में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेट्स के तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन ने चुनाव जीतकर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को हराया. जो बाइडन अमेरिका के नए राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के साथ ही बड़े फैसेल लेना शुरू कर चुके हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के दौरान अपने भाषण और कुछ अहम शुरुआती फैसलों ने ये साफ कर दिया है कि अमेरिका में काफी कुछ बदलने की कवायद की जाएगी. खासकर विदेश नीति में. विदेश नीति के जानकार मानते हैं कि बाइडन भारत के साथ मौजूदा रिश्तों में और चीन को लेकर अमेरिकी रवैये में भी खासा बदलाव कर सकते हैं. बदलाव के संकेत अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद बाइडन के भाषण से ही मिले है. बाइडन के पहले भाषण पर अगर गौर किया जाए तो ये स्प्ष्ट होता हैं कि बाइडन का अमेरिका के लोगों के प्रति तो सौहार्दपूर्ण तो हैं ही साथ ही उन देशों के प्रति भी सौहार्दपूर्ण हैं जो अमेरिका की तरफ उम्मीद की निगाह से देखते हैं. इससे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कुछ देशों खासकर मुसलिम बहुल देशों के प्रति जो रवैया ट्रंप ने अपनाया था, उसे बाइडन ने मिनटों में बदल दिया. आपको बता दे कि इन देशों से आवाजाही पर लगी रोक तत्काल हटा दी गई है जिसे बाइडन द्वारा उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा हैं. साथ ही अंतर्राष्ट्रीय पेरिस जलवायु समझौते में अमेरिका को दोबारा शामिल कर बाइडन ने ये संदेश दिया हैं कि वे दुनिया को साथ लेकर चलना चाहतें है. कोरोणना काल में चीन के साथ अमेरिका के रिश्तें काफी खराब हो गए थे जिसे सुधारने की कोशिश भी बाइडन ने कर दी हैं. दरअसल, एक अहम कदम उठाते हुए जो बाइडन ने अमेरिका के दोबारा विश्व स्वास्थ्य संगठन से हटने की प्रक्रिया को भी रोक दिया है जिसे चीन के साथ नए साल में नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है. अमेरिका के लोग और दुनिया के देश अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन दरअसल बाइडन से ज्यादा उम्मीद इसलिए भी की जा रही है क्योंकि वो ओबामा के कार्यकाल में उप राष्ट्रपति रहे थे और उस दौरान भारत-अमेरिका के बीच कई अहम समझौतों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी.

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