प्रदूषण के कारण कम हुआ ऑक्सीजन लेवल, दो मरीजों की हुई मौत

बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों के शरीर के ऑक्सीजन का लेवल घटता ही जा रहा है। जिसकी वजह से सीओपीडी (क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के मरीजों की जान पर भी बात बन आई है। बता दें कि प्रदूषण के कारण दो रोगियों की सीओपीडी अटैक से मौत हो गई।


साथ ही साथ एबीजी जांच से यह मालुम हुआ है  कि इन रोगियों के शरीर में कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा बढ़ती ही जा रही है। और प्रदूषित हवा के कारण पोस्ट कोविड रोगियों को काफी दिक्कते आ रही हैं। और उन्हें सेकेंडरी संक्रमण का सामना करना पड़ रहा हैं

सांस के रोगियों के लिए भी यह प्रदूषण काफी भारी पड़ रहा है। और कोविड लॉकडाउन के दौरान प्रदूषण कम होने से इन रोगियों को काफी राहत मिली थी, हालांकि अब दिक्कतें काफी हद तक बढ़ गई हैं। बता दें कि नौबस्ता के सीओपीडी के मरीज रामलाल (58) और नवाबगंज के आशुतोष वर्मा (61) की प्रदूषण के कारण मौत हो गई।

परिजनों द्वारा यह बताया गया है कि एबीजी रिपोर्ट के अनुसार खून में कार्बन डाई आक्साइड के बढ़ने की वजह से उनकी मौत हुई है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. राजीव कक्कड़ और पूर्व प्राचार्य डॉ. एसके कटियार ने बताया कि प्रदूषण के कारण सीओपीडी और अस्थमा रोगियों की दिक्कतें बढ़ती ही जा रही है।  और कोरोना से ठीक हुए मरीजों को भी इससे दिक्कत आ रही है। और कई मरीजों में सांस फूलने के साथ-साथ निमोनिया की भी परेशानी भी सामने आ रही है। 


इस स्थिति में सांस की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की खास जरुरत है। 

इन नियमों का पालन कर, सावधानी बरतें:


–  जब भी बाहर निकलें मेडिकल मास्क जरूर लगाएं 

– जाम से बचने की कोशिश करें

 
– बुजुर्ग, सीओपीडी और अस्थमा, रोगी धूप में वॉक करें


– अधिक प्रदुषण वाले क्षेत्रों में न जाएं

– सांस की बीमारी से जूझ रहे रोगी रात के समय में बाहर न निकलें

– अपने डाक्टरों से जांच कर दवा की डोज दुरुस्त करवाएं 

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