पूर्वेत्तर नहीं देखा तो क्या देखा

पूर्वोत्तर भारत की प्राकृतिक सुंदरता की भारत में ही नहीं पूरे विश्व में इसकी चर्चा होती है. यहां का प्राकृतिक वातावरण हमेशा से पर्यटकों को अपनी और खींचता आया है. कहते हैं कि अगर पूर्वेतर नहीं देखा तो क्या देखा. बात बिल्कुल सच भी है क्योकि पूर्वत्तर हैं ही इतना सुंदर. केंद्र सरकार ने अब लुक ईस्ट की नीति के तहत अब सिक्किम सहित पूर्वत्तर भारत के सभी राज्यों में पर्यटन को नई उंचाइयों तक पहुंचाने की ठानी है. इसके तहत पूर्वेत्तर के सभी पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की ठानी गई है. साथ ही इसके लिए एक कमेटी का भी गठन किया गया है जो पर्यटन को लेकर अपने सुझाव देगी. पूर्वेत्तर में पर्यटन को और बढ़ावा कैसे दिया जाए इसके उपाय सोचे जा रहे है. इस मुहिम में स्थानीय लोगों को शामिल किया जा रहा है ताकि नार्थ इस्ट में पर्यटन को बढ़ावा देने की सरकार की पहल सफल साबित हो. पर्यटन को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता में शामिल होना भी चाहिए क्योकि इससे लोगों को रोजगार भी मिलता है. पूर्वेत्तर में पर्यटन रोजगार मुहैया करने के साथ – साथ अन्य सकारात्मक संभावनाओं को भी सामने लाएगा. पूर्वेत्तर में पर्यटन को लेकर लोगों में आकर्षण बढ़ा है. पूर्वेत्तर के राज्यों की भाषा, संस्कृति, खान – पान को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने के लिए सरकार पूरा प्रयास कर रही है.

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