न्यूयॉर्क के डॉक्टर ने बिना पूछे महिला मरीज को अपने ही स्पर्म से किया प्रेगनेंट, 40 साल बाद आया सच सामने

यूं तो दुनियाभर में दुष्कर्म के बहुत से मामले होते है पर क्या आपने कभी ‘मेडिकल रेप’ (medical rape) के बारे में सुना है??? जी हां, अमेरिका (America) में एक ऐसा ही मामला सुनने को मिला है जिसे मेडिकल रेप नाम दिया गया है। जानकारी के अनुसार न्यूयॉर्क ( New York) में रहने वाली एक महिला ने एक डॉक्टर पर मेडिकल रेप करने का आरोप लगाया है। आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि महिला ने डॉक्टर पर 40 साल बाद मेडिकल रेप करने का मुकदमा दर्ज किया है।
जानिए क्या है मेडिकल रेप और पूरा मामला
दरअसल, न्यूयॉर्क (New York) की एक महिला ने एक डॉक्टर पर स्पर्म (Sperm) को लेकर धांधली करने का गंभीर आरोप लगाया है। आपको जानकर और भी हैरानी होगी कि महिला ने ये आरोप स्पर्म (Sperm) लेने के 40 साल बाद लगाए हैं। महिला का दावा है कि कई साल पहले वो एक डॉक्टर से प्रेग्नेंसी (Pregnancy) की समस्या को लेकर मिली थी। इस दौरान डॉक्टर ने बिना उसकी इजाजत के अपने स्पर्म उसके भीतर दाखिल कर उसे गर्भवती कर दिया। महिला ने ये दावे डीएनए रिपोर्ट के आधार पर किए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया था, जिसका उन्होंने डीएमए टेस्ट नहीं करवाया क्योंकि उन्हें भरोसा था कि डॉक्टर अपने स्पर्म कभी डोनेट नहीं करते हैं। अब इस घटना को डॉक्टरों की भाषा में ‘मेडिकल रेप’ (medical Rape) कहा जा रहा है।
पीड़ित महिला का नाम बियांका वास बताया जा रहा है। कोर्ट में बियांका वसा ने कहा कि वो 1983 में डॉ मॉर्टिन ग्रीनबर्ग से मिली थी। उन्हें किसी स्पर्म डोनर की तलाश थी। महिला प्रेग्नेंट न होने की समस्या का सामना कर रही थी। बियांका के मुताबिक डॉक्टर ने अपने स्पर्म से बिना पूछे उसे गर्भवती कर दिया। महिला दावा कर रही है कि उसे डॉक्टर की इस हरकत का पता 40 साल बाद लगा है।
महिला ने बताया कि डॉक्टर ने किसी दूसरे व्यक्ति के स्पर्म से प्रयोग करने की बात कही थी। इसके लिए उसने महिला से 100 डॉलर बतौर फीस के रूप में भी लिए थे। डॉक्टर ने महिला से डोनर के बारे में किसी तरह की प्राथमिकताओं को लेकर भी पूछा था। महिला ने किसी भी तरह की प्राथमिकता से इनकार करते हुए अनजान से ही स्पर्म डोनेट कराने की बात कही थी। बियांका का कहना है कि उन्हें लगा कि ये स्पर्म डॉक्टर के किसी परिचित व्यक्ति का है।
पीड़ित महिला ने दर्ज शिकायत में लिखा है, ‘कुछ लोग इस भयानक कृत्य को ‘मेडिकल रेप’ कहते हैं। ग्रीनबर्ग का जघन्य और जानबूझकर किया गया ये काम अनैतिक, अस्वीकार्य और अवैध है।’ अदालत को दी गई याचिका में कहा गया है कि ग्रीनबर्ग की वजह से वॉस को ‘गंभीर चिंता हो गई है। भावनात्मक दर्द और उनके भरोसे को चकनाचूर करने की इस घटना से उनकी जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है।’ अपनी शिकायत मे वॉस ने डॉक्टर ग्रीनबर्ग से 75,000 डॉलर (54,97,800 रुपए) से ज्यादा का हर्जाना मांगा है। 

100 डॉलर बतौर फीस के रूप में लिए 

वॉस ने अमेरिका के एनबीसी न्यूज को बताया, ‘मैं कोई अनजान डोनर चाहती थी। ग्रीनबर्ग ने मुझसे पूछा कि अगर डोनर यहूदी हो तो क्या मुझे बुरा लगेगा? मैंने कहा था कि मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है। मुझे लगा कि शायद स्पर्म डोनर उसके अस्पताल का मेडिकल स्टूडेंट होगा जबकि सच्चाई कुछ और ही थी। इसके बाद उसने मुझसे डोनर को देने के लिए 100 डॉलर का चेक भी लिया।’  

ऐसे हुआ खुलासा
महिला ने कुछ दिनो पहले अपनी बड़ी बेटी रोबर्टा के डीएनए की जांच कराई। रिपोर्ट में उसके पिता का नाम डॉक्टर ग्रीनबर्ग लिखा हुआ है। इसके बाद महिला ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कहा कि ये अवैध और अस्वीकार्य है। इससे मरीजों का डॉक्टर पर भरोसा कम होता है।

पीड़ित महिला की बेटी रोबर्टा ने एनबीसी न्यूज को बताया, ‘जब भी मैं आईना देखती हूं तो मुझे उस आदमी की शक्ल दिखाई देती है जिसने मेरी मां का भरोसा तोड़ा और उन्हें दुख पहुंचाया। मैं अपने अंदर एक बेचैनी महसूस कर रही हूं कि आखिर मैं कौन हूं, इन सबका क्या मतलब है और किस तरह का आदमी आखिर ऐसी हरकत करता है? क्या मैं भी इसका हिस्सा हूं? ये सब बातें मुझे परेशान करती हैं।’  

गौरतलब हो कि इससे पहले भी इस तरह के कई मामले आ चुके हैं जहां डॉक्टर ने चोरी-छिपे मरीज के इलाज में अपने ही स्पर्म का इस्तेमाल किया है। हाल ही में 2019 में कनाडा के डॉक्टर ने करीब 50-100 मरीजों को अपना स्पर्म दे दिया था। इसका पता चलने के बाद डॉक्टर का लाइसेंस छीन लिया गया था।

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