तरबूज शरीर को देता है सुरक्षा कवच, इसके है ढेरों फायदे, जानें बनाने की विधि और इससे जुड़े कुछ फायदे

तरबूज गर्मियों का सबसे खास फल है, जो न सिर्फ प्यास बुझाता है, बल्कि भूख को भी शांत करता है। यह फल कई जरूरी पोषक तत्वों से भरा है, इसलिए यह शरीर से जुड़ी कई परेशानियों को दूर करने का काम कर सकता है। तरबूज फाइबर, पोटैशियम, आयरन और विटामिन-ए, सी व बी से समृद्ध होता है, लेकिन इस फल को सबसे ज्यादा खास इसमें मौजूद लाइकोपीन नामक तत्व बनाता है। यह तत्व एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है और इसी से फल को गहरा लाल रंग मिलता है। यह ऑक्सिडेंट स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के साथ-साथ रक्तचाप के स्तर को भी कम कर सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं गर्मियों में सेहत के लिए वरदान माने जाने वाले तरबूज का शेक कैसे बनाया जाता है।   

तरबूज शेक बनाने के लिए सामग्री: 

आइसक्रीम 2 कप दूध
1.5 कप पानी
स्वादानुसार शक्कर 1/2 वनीला एक्सट्रैक्ट
1/4 कप कंडेंस मिल्क 
कुछ आइसक्यूब्स के टुकड़े
1 कप तरबूज़ के पीस (बिना बीज वाले)

तरबूज शेक बनाने की विधि

तरबूज शेक बनाने के लिए सबसे पहले आप तरबूज के बीज निकालकर उन्हें एक ब्लेंडर में आइसक्रीम छोड़कर सारी सामग्री के साथ मिलाएं। इसे अपनी पसंद की कंसिस्टेंसी आने तक ब्लेंड करें। अब इसे ग्लास में सर्व करें और ऊपर से आइसक्रीम के क्यूब्स डालें। आपका वॉटरमेलन शेक सर्व करने के लिए तैयार है।

तरबूज के फायदे (Benefits of Watermelon)

हृदय स्वास्थ्य
हृदय स्वास्थ्य के लिए तरबूज के फायदे बहुत हैं। शोध के अनुसार, रोजाना तरबूज खाने या इसका जूस पीने से खराब कोलेस्ट्रॉल के संचय को रोका जा सकता है

रोग प्रतिरोधक क्षमता
विटामिन-सी से भरपूर होने के कारण तरबूज शरीर की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। इसके अलावा, तरबूज में फाइबर भी पाया जाता है, जो पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने का काम कर सकता है।

पाचन स्वास्थ्य
तरबूज में पानी की अधिकता होती है और पानी भोजन पचाने में सबसे अहम तत्व माना जाता है। इसके अलावा, इसमें फाइबर भी पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ-साथ कब्ज, डायरिया व गैस जैसी समस्याओं से निजात दिलाने का काम करता है।

कैंसर
कैंसर जैसी घातक बीमारी के लिए भी तरबूज शेक के फायदे बहुत हैं। तरबूज में लाइकोपीन नामक तत्व पाया जाता है, जो कैंसर से बचाव कर सकता है।यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, इसलिए यह शरीर में कैंसर को पनपने से रोक सकता है।

दमा
यहां फिर से तरबूज में मौजूद लाइकोपीन का लाभ देखा जा सकता है। यह एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट है, जो अस्थमा के मरीजों के लिए कारगर साबित हो सकता है। अस्थमा से पीड़ित 17 वयस्कों पर किए गए एक अध्ययन में लाइकोपीन का चिकित्सीय प्रभाव देखा गया है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार लाइकोपीन और विटामिन-ए का पर्याप्त सेवन दमा के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है  

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