जल्दी सोने वाले व्यक्तियों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा होता है 80 फीसदी कम, वैज्ञानिकों की एक रिसर्च में दावा

अगर आप भी दिल की बीमारी (heart disease) और स्ट्रोक (stroke) से पीड़ित है तो आज से ही अपने सारे नियम बदल लीजिए। वैज्ञानिकों ने दावा किया है की रात में 10 से 11 बजे के बीच सोने वाले व्यक्तियों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी कम हो जाता है। दरअसल यह दावा इंग्लैंड (England) की एक्सेटर यूनिवर्सिटी (University of Exeter) के शोधकर्ताओं ने किया है। वैज्ञानिकों का मानना है की यह समय ‘गोल्डन आवर’ कहलाता है। 

शोधकर्ताओं का कहना है, अगर आप आधी रात में या काफी देर से सोने के लिए जाते हैं तो हार्ट डैमेज (heart damage) हो सकता है। उन्होंने दावा किया है की इंसान के सोने का समय और दिल की बीमारियों के बीच एक कनेक्शन होता है जो लोग देरी से सोते हैं वो सुबह देरी से उठते हैं, उनकी बॉडी क्लॉक डिस्टर्ब (body clock disturb) हो जाती है। हार्ट पर बुरा असर पड़ता है। इस तरह रात में जल्दी सोकर दिल की बीमारियों का खतरा कम कर सकते हैं।

शोधकर्ता डॉ. डेविड प्लान्स (Researcher Dr. David Plans) के मुताबिक, 24 घंटे चलने वाली शरीर की अंदरूनी घड़ी ही हमें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखती है। इसे सरकेडियन रिदम (circadian rhythm) कहते हैं। देर से सोने पर सरकेडियन रिदम बिगड़ती है। इसलिए इसे बेहतर करने की जरूरत है।

शोधकर्ताओं ने इसके बारे मे और जानने के लिए 43 से 74 साल के बीच के 88 हजार ब्रिटिश वयस्कों (British adults) पर रिसर्च की। रिसर्च के दौरान लोगों के हाथ में ट्रैकर (tracker) पहनाया गया। इस ट्रैकर के जरिए उनके सोने और उठने की एक्टिविटी को मॉनिटर किया गया। इसके अलावा उनसे लाइफस्टाइल (lifestyle) से जुड़े सवाल-जवाब भी किए गए।

रिसर्च से सामने आया की  जिन मरीजों में हर रात 10 से 11 बजे के बीच नींद लेना शुरू किया उनमें हृदय रोग के मामले सबसे कम थे। वहीं, जो लोग आधी रात के बाद सोते हैं, उनमें यह खतरा 25 फीसदी तक अधिक होता है। यूरोपियन हार्ट जर्नल (European Heart Journal) में पब्लिश रिसर्च कहती है, हम लोगों को प्रेरित कर रहे हैं कि जल्दी सोकर दिल की बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है।

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