क्वाड के सदस्य देशों का चीन को संदेश

क्वाड देशों की बैठक भी संपन्न हो चुकी है. भारत, अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया के राष्ट्रप्रमुखों ने इसमें हिस्सा लिया है. ये चार देश ही क्वाड में शामिल है.  वर्चअल रूप से हुई इस बैठक के बाद इस बैठक की भी चर्चा जोरों पर है. दरअसल, ऐसा कहा जा रहा है कि इस बैठक के बाद चीन चिंतित है. दरअसल, इस बैठक में चारों देश ने साफ कर दिया है कि चीन की नीतियां विस्तारवादी है और इसमें उन्हें कोई शख नहीं. आपको बता दे कि इन सभी नेताओं ने एकसुर से हिंद-प्रशांत क्षेत्र की आजादी और खुलेपन का समर्थन किया है. चीन को एक तरह से इस बैठक के जरिये ये संदेश देने की कोशिश की गई है कि वो अपनी हरकोंत से बाज आ जाए.

चीन की हरकतों से भारत, आस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान और अमेरिका ही नहीं पूरी दुनिया वाकिफ है. चाहे वो हांगकांग का मुद्दा हो या फिर शिनजियांग या ताइवान की खाड़ी के मसले हों चीन की चालबाजी और विस्तारवादी नीतियों को हर कोई जानता है. चीन विश्व में अपनी चालबाजी भरी हरकतों के लिए जाना जाता है. चीन क वुहान शहर से फैले खतरनाक कोरोना वायरस को चीन अभी तक झुठला रहा है पर सच्चाई क्या है वो भी जानता है. क्वाड देशों के बैठक के बाद अब क्वाड देश के सदस्य, अमेरिका, भारत, आस्टेलिया और जापान इस साल के अंत में फिर एक बार मिलेंगे. अभी तक मिली जानकारी के अनुसार ये बैठक वर्चुअल नहीं होगी और इस बैठक में क्वाड समूह के चारों सदस्य देश आमने सामने बैठक चर्चा करेंग.  

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