कृषि कानून पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, जानिए SC ने क्या कहा ?

तीन कृषि कानून के विरोध में शुरू हुए किसान आंदोलन का आज 48वां दिन हैं. किसान लगातार कृषि कानून को रद्द करने की मांग को लेकर दिल्ली के बार्डरों पर धरना दे रहे है. इसी बीच नए कृषि कानून रद्द करने समेत किसान आंदोलन से जुड़ी दूसरी अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट में आ सुनवाई हुई. इस दौरान CJI एस. ए बोबडे ने सरकार से कहा कि जिस तरह से प्रक्रिया चल रही है, उससे हम निराश हैं. सीजेआई ने आगे कहा कि हमें इस बात की जानकारी नहीं हैं कि सरकार और तीन कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों के बीच क्या बातचीत चल रही है. मिली जानकारी के मुताबिक सीजेआई शरद अरविंद बोबडे ने केंद्र की मोद सरकार से कहा कि आप कृषि कानूनों पर रोक लगाएंगे या हम कदम उठाएंगे? साथ ही अदालत ने कहा कि हम किसानों के विशेषयज्ञ नहीं है. हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं, लोग मर रहे हैं और ठंड में बैठे हैं. वहां खाने, पानी का कौन ख्याल रख रहा है?’ इस दौरान सीजेआई ने कई अहम बात कहीं. सीजेआई ने कहा कि सरकार की ये दलील नहीं चलेगी कि इसे किसी और सरकार ने शुरू किया था. आप किस तरह हल निकाल रहे हैं? . वहीं अदालत की इस बात पर केंद्र सरकार ने अदालत से कहा कि 41 किसान संगठन कानून वापसी की मांग कर रहे हैं, वरना आंदोलन जारी करने को कह रहे हैं. वहीं सीजेआई ने सरकार से कहा कि आप हल निकाल नहीं पा रहे है लोग मर रहे हैं. आत्महत्या कर रहे हैं. हम नहीं जानते क्यों महिलाओं और वृद्धों को भी बैठा रखा है. खैर, हम कमिटी बनाने जा रहे हैं. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को कहा कि 41 किसान संगठन कानून वापसी की मांग कर रहे हैं, वरना आंदोलन जारी करने को कह रहे हैं. गौरतलब है कि तीन कृषि कानून के लेकर आंदोलनकारी किसानों और सरकार के बीच अभी तक 9 बार बातचीत हो चुकी है पर कृषि कानून को लेकर किसान दोनों अड़े पड़े है. किसान बिना कृषि कानून को रद्द करने की अपनी मांग से कम पर मानने को राजी नहीं हैं तो वहीं सरकार इसमें संशोधन की बात कर रही है. मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा है. ऐसे में अब देखना होगा कि कृषि कानून पर आगे क्या हल निकलता है.

More articles

- Advertisement -
Web Portal Ad300x250 01

ताज़ा ख़बरें

Trending