कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ ने दिया हिंदुत्व पर ज्ञान, कहा – जिस व्यवहार पर गांधी ने अमल किया वह हिंदू और जिस राह पर गोडसे चले वह हिंदुत्व

पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा दिए गए हिंदू और हिंदुत्व के ज्ञान पर अब एक और कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान गौरव वल्लभ ने कहा कि , “पिछले 200 साल में जिस व्यक्ति ने सबसे अच्छे से हिंदू धर्म को अनुसरण किया वह और कोई नही केवल महात्मा गांधी थे…जिस व्यवहार पर गांधी ने अमल किया वह हिंदू धर्म है और जिस राह पर गोडसे चले वह हिंदुत्व..!!”

कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ केवल यही नहीं रुके उन्होंने आगे भी हिंदू और हिंदुत्व पर अपना ज्ञान बांटते हुए कहा, “गोडसे ने गांधी को क्यों मारा था???हिंदुत्व ने हिंदू धर्म को मारने की कोशिश क्यों की???हिंदू धर्म तो सर्वधर्म समभाव, वासुदेव कुटुम्बकम की ही बात करता है..सबको अपनाने की बात करता है जिसमे जो अच्छा लगा उसे ग्रहण करने की बात करता है। लेकिन गोडसे का हिंदुत्व ऐसा नही है उसका मतलब यही है की को सर्वधर्म समभाव, वासुदेव कुटुम्बकम की बात करें उसे गोली मार दी।”

उन्होंने आगे कहा, “हिंदू धर्म के उपदेशक महात्मा गांधी है और हिंदुत्व का गोडसे है… इन दोनो के चरित्र में जो अंतर है वही अंतर हिंदू धर्म और हिन्दुत्व मे विराजमान है…ये दोनों अपनी अपनी विचारधारा के शिखर पुरुष है…. जो गांधी है वह हिंदू है और जो गोडसे वह हिंदुत्व है।” कांग्रेस नेता वल्लभ ने आगे कहा, अब देश को ही तय करना है उसे अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले महात्मा गांधी चाहिए या फिर हिंसा के दम पर जीवन व्यतीत करने वाले नाथूराम गोडसे चाहिए।

वहीं उन्होंने खुर्शीद की लिखी पुस्तक का बचाव करते हुए कहा की, आखिर बीजेपी को बताना चाहिए कि क्या वह लालकृष्ण आडवाणी की इस बात से सहमत है कि नही की ‘मोहम्मद अली जिन्ना सबसे बड़े धर्म निरपेक्ष थे’। उन्होंने कहा की बीजेपी को आडवाणी, जसवंत और एसएम गोलवलकर की पुस्तकों पर भी कुछ प्रकाश डालने की जरूरत है। वहीं उन्होंने कंगना को भी आड़े हाथों लिया।

उन्होंने कंगना को लताड़ते हुए भारत सरकार से कंगना को दिए गए सभी पुरुस्कार वापस लेने की अपील भी की। वल्लभ ने कहा, “इस सरकारी अदाकारा के बयान के दो कारण हो सकते है….एक कारण यह है की उन्हें लिखकर जा रहा है कि मुख्य मुद्दा पर से ध्यान भटकाओ…दूसरा कारण यह हो सकता है की महात्मा गांधी को अपमानित किया जाए और गोडसेवादी ताकतों को बढ़ावा दिया जाए।”

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