इंस्टेंट लोन एप्स की जाल में फंसते युवा , सतर्क रहने की है आवश्यकता

कर्ज लेने की परंपरा युगो युगो से चली आ रही है. वर्तमान में भी लोग अपनी जरूरतों के हिसाब से लोन लेते हैं, चाहे वो बैंक से हो चाहे किसी अन्य माध्यम से. लेकिन जब से डिजिटलाइजेशन सामने आई है तब से कर्ज लेने का तरीका भी बदल गया है. अब आधार कार्ड के माध्यम से ही इंस्टेंट लोन एप लोगों को लोन मुहैया करा रहे हैं और इससे लोगों को लोन लेने में आसानी हो रही है. लेकिन हाल ही के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसने इंस्टेंट लोन एप पर कई सवाल खड़े किए है .लोन न चुका पाने की स्थिति में बेइज्जत और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के मामले सामने आए हैं. सबसे पहला मामला तेलंगाना और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों से सामने आए थे लेकिन अब दिल्ली से यानी देश कि राजधानी से इंस्टेंट लोन एप के माध्यम से लोन लेने वाले एक युवक ने खुदकुशी कर ली. मिली जानकारी के मुताबिक युवक इन स्टेट एप से लोन लिए हुए पैसे को चुका नहीं पा रहा था जिसके बाद ऐप के संचालकों ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और उसने तंग आकर खुशी खुदकुशी कर ली. राजधानी दिल्ली में इंस्टेंट लोन एप के माध्यम से लोन लेने के बाद इस तरह का यह पहला मामला है . इस मामले ने कई तरह के सवाल भी खड़े किए हैं और इस पर कई तरह की रिपोर्ट भी सामने आ रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक इंस्टेंट लोन देने वाले एप्स शुरुआत में तो बड़ी आसानी से लोगों को छोटी रकम की लोन मुहैया कराते हैं और ज्यादा प्रोसेसिंग भी नहीं होती और लोगों को आसानी से लोन मिल जाता है. लेकिन लोन लेने के बाद अगर कोई व्यक्ति उसकी किस्त नहीं चुका पाता है या फिर अगर वह चेक जमा करता है और चेक मान लीजिए कि बाउंस हो जाता है तो इन कंपनियों द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जिसमें कई सारे लोग जुड़े होते हैं उस से उस व्यक्ति को परेशान करना शुरू कर दिया जाता है. राजधानी दिल्ली से जो घटना सामने आई है उसमें भी कुछ इसी तरह का हुआ. इंस्टेंट एप लोन की तहकीकात के बाद पता चला है कि छोटे और बड़े प्रकार के लोन मुहैया करने वाले यह एप्स बड़ी आसानी से लोगों को लोन तो दे देते हैं पर बाद में लोन ना चुकाने पर लोगों को प्रताड़ित भी उतना ही किया जाता है. इंस्टेंट लोन एप कि अगर हम बात करें तो सबसे पहले इसकी शुरुआत चीन से हुई थी चीन में इंस्टेंट एप लोन जब शुरू हुई तो लोगों को लोन लेने में काफी आसानी हुई. विशेषकर वहां के छात्रों को क्योंकि आपको बता दें कि चीन में एजुकेशन लोन लेना काफी टेढ़ी खीर है. वहां के 20 से 30 साल के युवकों को इससे काफी फायदा हुआ और चाइना में यह काफी तेजी से फैला. इसके बाद जिस तरह के मामले यहां सामने आए हैं उस तरह के ही मामले शुरुआत में चीन में भी सामने आए थे. वहां पर 200 से 500 युवान की राशि यानी भारतीय करेंसी 2000 से ₹6000 आसानी से स्टूडेंट्स को मुहैया कराए जाने लगे और छात्रों ने इसे लेना भी पसंद किया. बाद में जब किसी कारणवश लोग और छात्र लोन का पैसा चुका पाने में असमर्थ हुए तो उन्हें उनके पर्सनल डाटा को पब्लिकली पब्लिश करने की धमकी दी जाने लगी और उन्हें मंच मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा. शुरुआत में चीनी युवक इंस्टेंट लोन एप के शिकार हुए थे, वहीं अब भारतीय युवा भी इसकी जद में आने लगे हैं जहां इसकी शुरुआत दक्षिण भारत से हुई और अब इसकी आंच राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है.अब बात करते हैं इन एप्स की जो काफी तेजी से सामने आ रहे हैं और इनका चलन आखिर क्यों इतना ज्यादा बढ़ गया है. दरअसल इंस्टेंट लोन देने वाले इन एप्स पर आरबीआई की कोई control नहीं है. यही कारण ये ऐप्स आरबीआई के गाइडलाइन को यानी कि गाइडलाइन को नहीं मानते हैं. इन एप्स पर एनबीएफसी या फिर जो इन्वेस्टर्स पैसा लगाते हैं उन्हें काफी मोटी रकम की कमाई हो रही है. लॉकडाउन के कारण 22 से 40 वर्ष के युवाओं को अपना घर चलाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है और कई रिपोर्ट्स बताते हैं कि लोगों ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए छोटे-छोटे या फिर मध्यम या बड़े प्रकार के लोन इन इन इंस्टेंट एप लोन के माध्यम से लिए हैं. इसका एक कारण और भी है कि बैंक से लोन लेने में कई सारे प्रोसीजर और थोड़ा समय लग जाता है लेकिन इंस्टेंट लोन एप मात्र आधार कार्ड पैन कार्ड या फिर अन्य कुछ जरूरी कागजात के आधार पर लोन मुहैया करा देते हैं जिससे लोगों का विश्वास भी थोड़ा इन एप्स पर बढ़ गया है. लेकिन जिस तरह के धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना के मामले अब सामने आ रहे हैं लोग भी इससे सतर्क हो रहे हैं. लेकिन बड़ी मात्रा में युवा लोग अभी भी हैं जो इंस्टेंट में जो इन इंस्टेंट लोन एप के माध्यम से लोन लेना पसंद कर रहे हैं.आपको बता दें कि चीन में इस तरह के मामले सामने आने के बाद चीन की सरकार को इस स्कैम को रोकने में एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करना पड़ा था जहां इस टास्क फोर्स को इस स्कीम को समाप्त करने के लिए 2 साल का समय लगा था. चाइना में जब इन एप संचालकों की दाल नहीं गली तो उन्होंने भारत के युवाओं की तरफ रुख किया और देखा कि भारत युवाओं का देश है और यहां छोटे-छोटे लोन लेने वालों की कमी नहीं है और इसके बाद शुरू होता है भारत में इंस्टेंट लोन देने का सिलसिला जो अब आकर परेशानी का सबब खुद उन युवाओं के लिए बनता जा रहा है जिन्होंने इस से लोन लिया था या फिर उन लोगों के लिए जिन्होंने इंस्टेंट ऐप के माध्यम से लोन लिया था गौरतलब है कि इस तरह के मामले सामने आने के बाद सरकार को भी इस पर ध्यान देना होगा और इस तरह के मामलों को समाप्त करने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर इन एप्स पर नकेल कसने की. इससे भी ज्यादा जरूरत है हमें खुद सतर्क होने की और ऐसे इंस्टेंट लोन एप से दूरी बनाने की क्योंकि यह एप्स हमें आसानी से लोन तो दे रहे हैं पर यह हमें परेशान भी कर रहे हैं. ऐसे में लोगों को आवश्यकता है सतर्क रहने और इन एप से दूरी बनाने की.

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